सामाजिक हालातों और महिला विमर्श पर लेखनी चला कर जागृति उत्पन्न करने वाली रचनाकार डॉ. सुलोचना शर्मा का जन्म 7 नवंबर 1962 को भीलवाड़ा में पिता वशिष्ठ कुमार शर्मा एवं माता गीता शर्मा के परिवार में हुआ। आपने इतिहास,शिक्षा,योग प्रेक्षाध्यान और चित्रकला चार विषयों में स्नातकोत्तर तक शिक्षा प्राप्त कर फाइन आर्ट्स में "राजस्थान के समकालीन यथार्थवादी एवं अमूर्तन कलाविद" विषय पर पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की। नेचुरोपैथी अंतिम वर्ष मेंअध्ययन जारी है।
इनके लेखन का बीजारोपण बचपन में ही घर के साहित्यिक परिवेश में हो गया था। वकील जर्नलिस्ट पिता की शेरो शायरी और माता की भजन रचना के बीच बचपन साहित्यिक परिवेश में बीता। डाइनिंग टेबल पर तुकबंदी वार्तालाप ने कब इनमें कविताओं को रोपित कर दिया पता ही नहीं चला । छुट-पुट रचनाएं बनती बिगड़ती रही। साहित्यकार एवं प्रशासनिक अधिकारी बड़े भाई की हौसला अफजाई से लेखन को गति मिली और इस क्षेत्र में आगे बढ़ती गई। नारी मन और आसपास की घटनाओं से मन जब-जब उद्वेलित हुआ रचनाएं खुद-ब-खुद बनती चली गई ।
आप हिंदी भाषा में पद्य विद्या में कविता, ग़ज़ल, गीत, छंद एवं गद्य विधा में आलेख का भावपूर्ण सृजन कर मन के भावों की अभिव्यक्ति प्रदान करती हैं। आपके मन में एक कवियित्री बस्ती है। अनेक मंचों पर आपको अपने काव्य सृजन की बानगी दिखाने के अवसर मिले हैं। आगरा की संस्था बुलंदी साहित्यिक सेवा संस्थान द्वारा अगस्त - सितंबर 2022 में आयोजित कवि सम्मेलन में 35 देशों के कवियों ने भाग लिया और 300 घंटे कवि सम्मेलन का विश्व रिकॉर्ड बनाया उसमें बूंदी से राजस्थान का प्रतिनिधित्व करना इनकी महत्वपूर्ण उपलब्धि है। आपकी रचनाएं आपके लेख एवं कविताएं आदि राजस्थान सहित कोलकाता, अलीगढ़, बनारस, इंदौर, भोपाल आदि देश के विभिन्न शहरों की से पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित होती हैं। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नेपाल और ह्यूस्टन अमेरिका से प्रकाशित काव्य संग्रहों में भी आपकी रचनाएं प्रकाशित होती हैं।
आपका सृजन समसामयिक विषयों ,सामाजिक हालातों और नारी समस्याओं से प्रेरित है और समाज को जागृत कर एक दिशा प्रदान प्रदान करता है। आसपास के सामाजिक परिवेश और संदर्भ को जिन्होंने उन्हें उद्वेलित किया है उसे काव्य में ढाल कर हालातों को सुधारने का संदेश देती हैं। लेखन के माध्यम से प्रयास यही रहता है कि कविताओं गजलों के संदेश से से लोग सोचने पर मजबूर हों और कुव्यवस्थाओं तथा विद्रूपताओं बदलने का प्रयास हो। राजनीति के गिरते मूल्यों पर भी चोट करती हैं। इनके मुक्तक भी मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर लेखनी का महत्व प्रतिपादित करते हैं। आप अपना एक काव्य संग्रह प्रकाशित करने की योजना बना रही हैं।
आपको कई संस्थाओं द्वारा साहित्य सृजन के लिए पुरस्कृत और सम्मानित किया गया है। विश्व प्रतिभा अंतर्राष्ट्रीय सम्मान, महादेवी वर्मा मेमोरियल अवार्ड,,कल्पना चावला मेमोरियल अवार्ड,अमृता प्रीतम मेमोरियल अवार्ड,साहित्य गौरव सम्मान,महादेवी वर्मा कवित्री सम्मान,राजस्थान नारी गौरव सम्मान
काव्य रत्न सम्मान, विश्व हिंदी रत्न सम्मान
बाल प्रभा मानद उपाधि , लक्ष्मी बाई इंटरनेशनल अवार्ड,अंतर्राष्ट्रीय अनुज्ञा सत्यनारी शक्ति सम्मान, महामना मानस संतति सम्मान एवं नारी शक्ति वंदन सम्मान प्रमुख हैं।
आप महाविद्यालय ,जयपुर से पूर्व व्याख्याता हैं। पूर्व सदस्य जिला परिषद,बूंदी एवं पूर्व सदस्य न्याय पीठ बाल कल्याण समिति, बूंदी के साथ-साथ आप नेशनल लेवल धावक और स्टेट लेवल डिबेटर भी रह चुकी हैं। वर्तमान में पीड़ित वर्ग के लिए समाज सेवा, पत्रकारिता के साथ नियमित सृजन जारी है।
( संपर्क : 101, पुरोहित गली तिलक चौक
बूंदी ,राजस्थान। मो. 90797 96774