भीलवाड़ा, संगम विश्वविद्यालय की 15 वी अकादमिक काउंसिल की बैठक बुधवार को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. करुणेश सक्सेना की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, पाठ्यक्रमों के आधुनिकीकरण तथा नई शिक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

बैठक को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. करुणेश सक्सेना ने विश्वविद्यालय के विकास के लिए अपनी कार्यदृष्टि प्रस्तुत करते हुए कहा कि संस्थान की सफलता प्रत्येक हितधारक—शिक्षकों, विद्यार्थियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों—के "Outstanding Performance by Every Stakeholder" के सिद्धांत पर आधारित है। उन्होंने सभी से शैक्षणिक उत्कृष्टता, उत्तरदायित्व, नवाचार तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के उच्च मानकों को स्थापित करने हेतु समर्पित भाव से कार्य करने का लक्ष्य रखा। बैठक में विभिन्न कार्यक्रमों के पाठ्यक्रमों में समयानुकूल परिवर्तन करने पर सहमति व्यक्त की गई। विशेष रूप से विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता एवं व्यावसायिक दक्षता को बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों में स्किल आधारित तथा वैल्यू एडिशन पाठ्यक्रमों को शामिल करने का सुझाव दिया गया।
बैठक में मई 2028 में संस्थान (जो की ITM के नाम से चालू हुआ एवं 2012 यूनिवर्सिटी बना) की सिल्वर जुबली मनाने का भी निर्णय किया गया। बैठक के प्रमुख निर्णयों में बी.टेक. कार्यक्रमों में माइनर स्पेशलाइजेशन प्रारंभ करने का अनुमोदन शामिल रहा। इसके अतिरिक्त बी.फार्मा कार्यक्रम के पाठ्यक्रम को फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) के नवीनतम विनियमों के अनुरूप संशोधित एवं समन्वित किया गया। कृषि संकाय में एम.एससी. (कृषि) – मृदा विज्ञान (Soil Science) कार्यक्रम प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया। साथ ही कृषि संकाय के पाठ्यक्रमों को आई सी ए आर नई दिल्ली की अनुशंसाओं के अनुरूप पुनर्संरेखित करने पर भी सहमति बनी। बैठक में विश्वविद्यालय की विभिन्न वैधानिक एवं शैक्षणिक समितियों की कार्यवाही की समीक्षा करते हुए उनमें लिए गए निर्णयों पर विचार-विमर्श किया गया तथा आवश्यक सुझाव प्रदान किए गए।
बैठक में विशेषज्ञ के रूप में सेवानिवृत्त प्रो. एस. के. कटारिया, पूर्व प्रोफेसर, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय (एमएलएसयू), उदयपुर तथा दिल्ली विश्वविद्यालय से आमंत्रित डॉ. ओम प्रकाश कोली ने अपने बहुमूल्य सुझाव एवं मार्गदर्शन प्रदान किए। परिषद ने उनके अनुभव एवं विशेषज्ञता की सराहना की।बैठक में विश्वविद्यालय के सभी संकायों के अधिष्ठाता (Deans) एवं शैक्षणिक परिषद के सदस्य उपस्थित रहे तथा विभिन्न शैक्षणिक विषयों पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
बैठक के प्रारंभ में विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. आलोक कुमार ने सभी सदस्यों एवं विशेषज्ञों का स्वागत किया। अंत में उन्होंने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।