जयपुर। एसएमई चैम्बर ऑफ इंडिया और मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया 20 जनवरी को जयपुर में “राजस्थान इंडस्ट्रीज़ एंड एसएमई समिट” का आयोजन कर रहे हैं।
समिट का मुख्य विषय ''उभरते व्यापार, निर्यात, निवेश और सहयोग के अवसरों का अन्वेषण''है। इस आयोजन को SME Industrial Parks of India, Federation of Indian SME Associations, SME Investment Promotion Council, SME Export Promotion Council और Start-ups Council of India का पूर्ण समर्थन है।
यह समिट निर्माताओं, एसएमई, निर्यातकों, निवेशकों, स्टार्ट-अप्स और संबद्ध व्यावसायिक एवं औद्योगिक क्षेत्रों को एक मंच पर एकीकृत करेगा। यहां उभरते व्यापार, निर्यात और निवेश के अवसरों की खोज की जाएगी ताकि राजस्थान के औद्योगिक एवं आर्थिक विकास में निरंतर योगदान दिया जा सके और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के “विकसित भारत” के सपने को साकार किया जा सके।
समिट विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों में उद्योग स्थापित करने पर जोर देगा, जिससे विनिर्माण गतिविधियों का विस्तार होगा। साथ ही, भारतीय एवं विदेशी उद्यमों के साथ कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग, जॉइंट वेंचर्स, मर्जर्स एंड एक्विजिशन्स तथा टेक्नोलॉजी ट्रांसफर की स्थापना के अवसरों पर फोकस रहेगा।
प्रमुख हाइलाइट्स और फोकस एरिया—
— बैंकिंग फाइनेंस और ₹100 करोड़ तक कोलैटरल-फ्री फाइनेंस सुविधाओं का लाभ उठाना
— एसएमई को उभरते कॉर्पोरेट्स में बदलना
— स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता के लिए उत्कृष्टता बढ़ाना
— क्वालिटी प्रोडक्टिविटी के लिए इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन अपनाना
— वैकल्पिक फाइनेंस के लिए कैपिटल मार्केट एक्सेस के फायदे
— एसएमई को उभरते उद्यमों में बदलकर 10 गुना ग्रोथ हासिल करना
राजस्थान सरकार की प्रमुख योजनाएं जो चर्चा का केंद्र रहेंगी:
— राज उद्योग मित्र (एमएसएमई): नई इकाइयों को अनुमोदनों और निरीक्षणों से छूट
— राइजिंग राजस्थान के तहत एमएसएमई कॉन्क्लेव: वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और संसाधन
— एमएसएमई पॉलिसी 2024: वित्तीय/तकनीकी सहायता, टैक्स छूट, बाजार विकास और रोजगार सृजन पर फोकस
राजस्थान को इस समिट से क्या लाभ मिलेगा—
निवेश और जॉइंट वेंचर्स में तेजी: नए निवेश, विदेशी सहयोग और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर से राज्य में उद्योगों का विस्तार
रोजगार सृजन: टियर-2/3 शहरों में उद्योग स्थापित होने से लाखों युवाओं को रोजगार, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में
निर्यात और आर्थिक विकास: वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ने से निर्यात में वृद्धि, जीएसडीपी में योगदान बढ़ेगा
समावेशी प्रगति: हस्तशिल्प, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्र मजबूत होंगे, क्षेत्रीय असमानता कम होगी
यह समिट राजस्थान को औद्योगिक हब बनाने और विकसित भारत के लक्ष्य में अग्रणी भूमिका निभाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उद्यमी, निवेशक, निर्यातक और हितधारक इस आयोजन में शामिल होकर राजस्थान के उज्ज्वल भविष्य में योगदान दे सकते हैं।
रजिस्ट्रेशन और अधिक जानकारी के लिए एसएमई चैम्बर ऑफ इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट smechamberofindia.com पर जाएं या संपर्क करें।
यह जानकारी महेश सालुंखे, निदेशक एवं महासचिव, एसएमई चैम्बर ऑफ इंडिया, मुंबई द्वारा प्रदान की गई है।