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जयपुर-दिल्ली के बीच एक थी ‘‘पिंकसिटी एक्सप्रेस’’

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07 Feb 26
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जयपुर-दिल्ली के बीच एक थी ‘‘पिंकसिटी एक्सप्रेस’’

श्रीगंगानगर। जयपुर-दिल्ली रेल रूट पर यूँ तो आज के समय में अनेक आधुनिक ट्रेनें दौड़ रही हैं, लेकिन 1970 के दशक की पिंकसिटी एक्सप्रेस का अपना एक स्वर्णिम और गौरवशाली इतिहास रहा है। भारतीय रेलवे के इतिहास में यह एक प्रतिष्ठित ट्रेन रही है, जो विशेष रूप से मीटर गेज के दौर में दिल्ली और जयपुर के बीच कनेक्टिविटी का मुख्य जरिया थी। आपको आश्चर्य होगा कि उस समय पिंकसिटी ट्रेन का जो चर्चा होता था, वैसा आज के दौर की आधुनिक ट्रेनों का भी नहीं होता। पिंकसिटी एक्सप्रेस एक प्रकार की फ्लाइट मानी जाती थी, जिसकी शुरुआत मीटरगेज युग में हुई थी।
 बहुत वर्ष पहले जब मैं हाफ-पैंट पहनता था, तब मैंने पहली बार अपने परिवारजनों के साथ इस ट्रेन में अलवर से दिल्ली की यात्रा की थी। उस पहली यात्रा ने अहसास करवाया था कि हमारे यहां तेज रफ़्तार से दौड़ने वाली ट्रेनें भी हैं। उसके बाद भी जयपुर से दिल्ली इस खास ट्रेन से जाना होता रहा। यह ट्रेन दिल्ली जंक्शन और जयपुर को जोड़ती थी। संभवतः अपने दौर में यह भारत ही नहीं बल्कि दुनिया की सबसे तेज मीटरगेज ट्रेनों में से एक थी। जैसा नाम, वैसा ही इस ट्रेन के प्रत्येक कोच का कलर था। ट्रेन के प्रत्येक कोच के गेट की पेंटिंग अहसास करवाती थी कि हम किसी महल में प्रवेश कर रहे है। इसके बारे में जानकारी मिली है कि यह ट्रेन 300 किमी से अधिक की दूरी लगभग 5 घंटे में तय करती थी। मुझे आज भी याद है कि जयपुर जंक्शन से यह ट्रेन ठीक शाम 5 बजे रवानगी लेकर रात्रि 10 बजे पुरानी दिल्ली स्टेशन पहुंचती थी। साल 1997 तक यह 56 किमी प्रति घंटे की औसत रफ्तार से चलती थी, जो उस समय मीटरगेज के लिए एक रिकॉर्ड था। वर्ष 1997 में जब दिल्ली-जयपुर रूट ब्रॉडगेज में परिवर्तित हुआ तो इस ट्रेन की जगह अजमेर-दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस ने ले ली।
 अपने समय में यह ट्रेन गुलाबी नगरी के रूप में विख्यात राजस्थान की राजधानी जयपुर को देश की राजधानी दिल्ली से जोड़ने वाली सबसे प्रतिष्ठित सेवा थी। आज जब भी दिल्ली-जयपुर रेलमार्ग पर ट्रेन का सफ़र करता हूँ तो पिंकसिटी एक्सप्रेस की याद आ ही जाती है। ‘‘भीम शर्मा, पूर्व सदस्य, जेडआरयूसीसी’


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