श्रीगंगानगर। राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनैतिक प्रतिनिधित्व) आयोग के द्वारा उच्चतम न्यायलय के निर्देशों के अनुुसरण में अन्य पिछड़ा वर्ग के सभी स्तरों पर पिछड़ेपन की प्रकृति एवं निहितार्थों का गहन अध्ययन हेतु राज्यव्यापी सर्वे करवाया जा रहा है। यह सर्वे ऑनलाइन माध्यम से किया जा रहा है।
आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के उपनिदेशक के अनुसार अन्य पिछड़ा वर्ग परिवारों के सर्वे हेतु जिले में नियुक्त प्रगणक घर-घर जाकर मुखिया एवं परिवार के सदस्यों के नाम, लिंग, आयु, शैक्षणिक योग्यता, अजीविका एवं राजनैतिक प्रतिनिधित्व से संबंधित प्रश्न पूछेंगेे। आयोग द्वारा उक्त कार्य हेतु जिला स्तर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर को जिला समन्वयक, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग को नोडल तथा सूचना प्रोद्योगिकी विभाग को सहायक नोडल बनाया गया है।
जिला कलक्टर के निर्देशानुसार अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) श्री सुभाष कुमार ने जिले में सर्वे कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए उपखण्ड अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। अन्य पिछड़ा वर्ग परिवारों का सर्वे महत्वपूर्ण कार्य है तथा इसके अन्तर्गत कार्यरत हर कार्मिक को सहयोग की भावना से करना चाहिए। इस बात का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए कि कोई अन्य पिछड़ा वर्ग घर गणना से छूटे नहीं।
अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) ने आमजन से भी अपील करते हुए कहा कि सर्वे हेतु आने वाले प्रगणक को सटीक जानकारी प्रदान करे। आपका सही विवरण सरकार के आगामी नीति निर्माण में महत्वपूर्ण है।