उदयपुर | वाहनों पर लोन लेकर किस्तें नहीं चुकाने और बकाया भुगतान के लिए दिए गए चेक बाउंस होने के मामले में कोर्ट ने आरोपी को एक साल की कैद और 16 लाख रुपए क्षतिपूर्ति का आदेश दिया।

प्रकरण के अनुसार, तोरण बावड़ी स्थित मेवाड़ फिनलीज प्राइवेट लिमिटेड के शाखा प्रबंधक तपेश मिश्रा ने आसपुर निवासी लतेश तराठी के खिलाफ परिवाद दर्ज कराया। कंपनी से वाहन लोन लेने के बाद लतेश ने किस्तें नहीं चुकाईं। बकाया रकम के बदले उसने 10 लाख और 32 हजार 706 रुपए के दो चेक दिए। सितंबर 2010 में जमा कराया गया 10 लाख का चेक बैंक से बाउंस हो गया। नोटिस देने के बावजूद आरोपी ने भुगतान नहीं किया।

एनआई एक्ट-3 कोर्ट की जज रेणु मोटवानी ने लतेश को दोषी मानते हुए एनआई एक्ट की धारा 138 के तहत एक साल की कैद की सजा सुनाई और परिवादी को 16 लाख रुपए क्षतिपूर्ति देने के आदेश दिए।