उदयपुर | प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के सीखने के स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से बुधवार को तीसरी स्तरीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला “विद्यासागर 3.0” का समापन हुआ। तीन दिवसीय यह कार्यशाला राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (आरएससीईआरटी) द्वारा आयोजित की गई।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण-2024 की जिला स्तरीय रिपोर्ट कार्ड का गहन विश्लेषण करना और कमजोर प्रदर्शन वाली दक्षताओं को शॉर्ट टर्म, मिड टर्म और लॉन्ग टर्म शैक्षिक कार्ययोजनाओं में शामिल कर सुधार लाना था। इसके साथ ही दक्षता-आधारित गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में अपेक्षित सुधार पर भी विशेष ध्यान दिया गया।

आरएससीईआरटी की निदेशक श्वेता फगेड़िया ने सर्वेक्षण में राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान की स्थिति पर चर्चा करते हुए जिला स्तर पर ठोस कार्ययोजनाएं बनाने और निम्न प्रदर्शन वाली दक्षताओं में सुधार के लिए प्रभावी कदम उठाने पर बल दिया। उप निदेशक आशा मांडावत ने कहा कि यह कार्यशाला शिक्षा नीति, योजना और क्रियान्वयन को राष्ट्रीय से लेकर कक्षा स्तर तक दिशा देने में सहायक सिद्ध होगी।

असेसमेंट सेल प्रभारी ललिता जैन, राज्य संदर्भ व्यक्ति नीलिमा शर्मा, आशुतोष तुली, उम्मेद सिंह शेखावत, राजेंद्र सिंह देवड़ा, सुरेश बिजारनिया और गौरव गोस्वामी सहित कई विशेषज्ञों ने विभिन्न विषयों पर सारगर्भित चर्चा की।