नाथद्वारा। एनिमल प्रोटेक्शन सोसायटी, उदयपुर ने नाथद्वारा नगर पालिका द्वारा की गई पशु क्रूरता के एक और मामले का खुलासा करते हुए तीन श्वानों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है। जानकारी के अनुसार नाथद्वारा नगर पालिका द्वारा अवैध रूप से तीन श्वानों को पकड़कर पिंजरे में बंद कर दिया गया था, जो कि पशु क्रूरता का मामला है तथा भारत का सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है।
सूचना मिलने पर एनिमल प्रोटेक्शन सोसायटी, उदयपुर की टीम ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए तीनों श्वानों को मुक्त कराया और उन्हें उपचार एवं देखभाल हेतु उदयपुर लाया गया। संस्था द्वारा बताया गया कि तीनों श्वानों की चिकित्सकीय जांच करवाई जा रही है तथा नियमानुसार उनकी नसबंदी (एनिमल बर्थ कंट्रोल) और टीकाकरण की प्रक्रिया करवाई जाएगी।
संस्था की संस्थापक डॉ. माला मट्ठा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के नियमों के अनुसार किसी भी नगर निकाय को श्वानों को पकड़कर अवैध रूप से पिंजरों में बंद करना या उन्हें प्रताड़ित करना पूर्णतः प्रतिबंधित है। इसके स्थान पर नसबंदी और टीकाकरण ही एकमात्र संवैधानिक और मानवीय समाधान है।
एनिमल प्रोटेक्शन सोसायटी, उदयपुर ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में इस प्रकार की अवैध कार्यवाही को रोका जाए तथा श्वानों की नसबंदी और टीकाकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिससे पशुओं के प्रति मानवीय व्यवहार सुनिश्चित हो सके।