उदयपुर : राजकीय आदर्श आयुर्वेद औषधालय, सिंधी बाजार द्वारा संचालित जनसेवा आधारित गतिविधियों ने उदयपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का उल्लेखनीय कीर्तिमान स्थापित किया है। स्वर्ण प्राशन महाभियान, पंचकर्म चिकित्सा शिविर और वर्ष 2007 से जारी निःशुल्क योग सत्रों ने जिले में स्वास्थ्य जागरूकता को नई दिशा प्रदान की है।

वर्ष 2014 में प्रारंभ हुए स्वर्ण प्राशन महाभियान के अंतर्गत अब तक 4 लाख 25 हजार से अधिक बच्चों को निःशुल्क स्वर्ण प्राशन संस्कार का लाभ दिया जा चुका है। बाल स्वास्थ्य, रोग प्रतिरोधक क्षमता और मानसिक विकास को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से यह अभियान प्रदेश के सबसे व्यापक और प्रभावी स्वास्थ्य अभियानों में से एक बन गया है।

अभियान का संचालन आयुर्वेद विद्यावारिधि रसवैद्य शोभालाल औदीच्य द्वारा लगातार जनसहयोग से किया जा रहा है। प्रत्येक रविवार को नियमित रूप से स्वर्ण प्राशन संस्कार आयोजित किया जाता है, जबकि पुष्य नक्षत्र जैसे शुभ अवसरों पर अभिभावकों की उपस्थिति सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ जाती है। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आयोजित शिविरों के माध्यम से हजारों परिवार लगातार इस सेवा से लाभान्वित हो रहे हैं।

बच्चे खुद चलकर आते हैं दवाई पीने

अभियान में यह दृश्य विशेष रूप से देखने को मिलता है कि छोटे बच्चे उत्साहपूर्वक स्वयं चलकर दवा पीने आते हैं। यह उनकी विकसित होती जागरूकता और सकारात्मक अनुभव का प्रमाण माना जा रहा है। आयोजकों के अनुसार बच्चों का यह उत्साह अभियान की प्रभावशीलता को और अधिक मजबूत बनाता है।

माता-पिता और अभिभावकों में बढ़ा विश्वास

स्वर्ण प्राशन कार्यक्रम के प्रति अभिभावकों में गहरी आस्था और विश्वास निरंतर बढ़ रहा है। अनेक माता-पिता का कहना है कि स्वर्ण प्राशन के बाद बच्चों में सामान्य बीमारियों की आवृत्ति में कमी, एकाग्रता और स्मरण शक्ति में वृद्धि तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है। इसी भरोसे के कारण बड़ी संख्या में परिवार हर माह अपने बच्चों को नियमित रूप से ले कर पहुँचते हैं।

पंचकर्म शिविरों का व्यापक प्रभाव

राजकीय आदर्श आयुर्वेद औषधालय सिन्धी बाजार द्वारा  पिछले पाँच वर्षों में 45 से अधिक निःशुल्क पंचकर्म चिकित्सा शिविर आयोजित किए गए हैं। इन शिविरों में वात, पित्त, कफ संबंधी अनेक रोगों की चिकित्सा आयुर्वेद की परंपरागत पंचकर्म पद्धति से की जाती है। इन शिविरों में प्रतिवर्ष बढ़ रही भागीदारी से यह स्पष्ट होता है कि आयुर्वेदिक उपचार पद्धति के प्रति लोगों की रुचि और भरोसा निरंतर बढ़ रहा है।

वर्ष 2007 से नियमित निःशुल्क योग सत्र

औषधालय में वर्ष 2007 से प्रतिदिन प्रातः 7 बजे से 8.30 बजे तक निःशुल्क योग सत्र संचालित हो रहे हैं। इन सत्रों में प्राणायाम, ध्यान, सूर्य नमस्कार तथा विभिन्न आसनों का अभ्यास कराया जाता है। वर्षों से जारी इन योग कक्षाओं ने हजारों नागरिकों को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से मजबूत बनाया है।

भविष्य की योजनाएँ

वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्साधिकारी  डॉ. शोभालाल औदीच्य ने बताया कि आने वाले समय में अभियान को और विस्तृत रूप दिया जाएगा। अधिक विद्यालयों और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँच बनाना, सेवा शिविरों की संख्या बढ़ाना और आयुर्वेद आधारित स्वास्थ्य जागरूकता को जन-जन तक पहुँचाना प्राथमिक लक्ष्य हैं। उद्देश्य है कि जिले का कोई भी बच्चा स्वर्ण प्राशन संस्कार से वंचित न रहे तथा योग और पंचकर्म सेवाओं का लाभ अधिक से अधिक नागरिकों को मिल सके।

राजकीय आदर्श आयुर्वेद औषधालय की इन निरंतर गतिविधियों ने उदयपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत किया है, जिसने निःशुल्क आयुर्वेद आधारित सेवाएँ देकर समाजसेवा की भावना को सशक्त किया है।