उदयपुर। पेसिफिक यूनिवर्सिटी देबारी (उदयपुर) में चल रहे पेसिफिक बीएसटीसी कॉलेज के  छात्र-छात्राध्यापकों के 7 दिवसीय कब मास्टर फ्लॉक लीडर प्रशिक्षण शिविर में बुधवार को छठे दिन प्रातःकालीन सत्र में ले आउट निरीक्षण करने मुख्य अतिथि के रूप में पेसिफिक यूनिवर्सिटी के कुलाचार्य (वाइस चांसलर) डॉ हेमन्त कोठारी पहुंचे। इस अवसर पर पेसिफिक कॉलेज का एक प्रतिनिधि मंडल भी मौजूद रहा जिसमें पेसिफिक कॉलेज ऑफ फिजिकल एजुकेशन के प्रिंसिपल डॉ हेमंत पंड्या, कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल डॉ कपिलेश तिवारी, फैकल्टी ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के चेयरमैन प्रोफेसर दिलेंद्र हिरण, इंस्टिट्यूट ऑफ़ बिजनेस स्टडीज के चेयरमैन व प्रिंसिपल प्रोफेसर अनुराग मेहता, एम बी ए महाविद्यालय के डीन प्रोफेसर दीपिन माथुर, रेंजर रोवर कॉलेज प्रभारी कविता सागर,दिलीप सिंह चौहान,डॉ शीला सालवी, डॉ.एल.एन चौबीसा, डॉ. कपिल जैन,डॉ जय श्री मंडोवरा, ममता व्यास, कृष्णा माहेश्वरी, अंजलि राव आदि मौजूद रहे।
शिविर की सभी नो टोलियो ने अलग-अलग थीम पर उपलब्ध सुविधाओं व सामग्री से अलग-अलग प्रदर्शनियों का डेमो बनाया, जिसमें सेना की कैंटीन, हिंदुस्तान स्काउट गाइड का ट्रेनिंग सेंटर, पेसिफिक महाविद्यालय परिसर, विद्यालय के अंदर स्काउट गाइड कैंप संचालन, मिलिट्री कैंप और कैंप फायर का लेआउट बना कर टोली नायक द्वारा आगंतुक मेहमानों को उसके बारे में जानकारी दी गई। सभी अतिथियों को हिंदुस्तान स्काउट एंड गाइड की रेंजर रोवर टोली द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। लेआउट निरीक्षण के बाद स्काउट प्रार्थना एवं ध्वज गीत का सामूहिक गान किया गया।
मुख्य अतिथि कोठारी ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में स्काउटिंग गतिविधियां बालक बालिकाओं को योग्य नागरिक बनाने, उनमें चरित्र व संस्कारों की सुदृढ़ता लाने, अपना काम स्वयं करने की आदत डालने, मितव्ययता की सीख देने, स्वअनुशासन एवं साहसी बनाने के लिए बहुत ही अच्छा माध्यम है, इस प्रकार के शिविरों से बच्चों में देश व समाज सेवा के प्रति जागरूकता आती है स्काउट गाइड गतिविधियां सर्वांगीण विकास के लिए बहुत जरूरी है। दूसरे सत्र में विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ़ एजूकेशन के सभागार में  हिंदुस्तान स्काउट एंड गाइड के संभाग आयुक्त गोपाल मेहता मेनारिया ने अपनी वार्ता देते हुए स्काउटिंग क्या है, स्काउटिंग क्यों आवश्यक है, स्काउटिंग स्काउट आंदोलन के सिद्धांत व स्काउट गाइड पद्धति के बारे में बताया। मेहता ने कहा कि देश की सुरक्षा का मूल मंत्र यही है कि प्रत्येक सैनिक वर्दी में भी अपने आप को एक नागरिक समझे और प्रत्येक नागरिक बिना वर्दी के भी अपने आप को एक सैनिक समझे। उन्होंने खेल पर वार्ता के तहत वॉलीबॉल खेल मैदान निर्माण और रोटेशन के नियमों की जानकारी दी। शिविर में हिंदुस्तान स्काउट एंड गाइड की जिला संयुक्त सचिव ईश्वरी रैगर ने जीवन कौशल पर अपनी वार्ता प्रस्तुत की। शिविर संचालक जिला ऑर्गेनाइजर शांता वैष्णव ने लोग बुक, जिला सचिव रमा जैन सांस्कृतिक तैयारी, डूंगरपुर जिला प्रभारी गजेंद्र वैष्णव में स्काउट की विभिन्न गांठों बारे में जानकारी देते हुए अभ्यास सत्र लिया। गुरुवार को प्रातः 11बजे शिविर का समापन समारोह आयोजित किया जाएगा।