उदयपुर। भारतीय क्षत्रिय कुमावत समाज ने अपनी ऐतिहासिक मौलिक पहचान सरकारी रिकॉर्ड्स में कायम करवाने के लिए सड़कों पर उतर कर प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने के साथ ही निर्णायक संघर्ष का ऐलान कर दिया।
युवा शक्ति प्रदेश मंत्री एडवोकेट भरत कुमावत ने बताया कि आज़ादी के पूर्व ही 1946 में क्षत्रिय कुमावत समाज ने अपनी महासभा का आधिकारिक रजिस्ट्रेशन करवा दिया था और सुव्यवस्थित तरीके से राष्ट्रीय स्तर पर आनुषंगिक इकाईयों का गठन करके सामाजिक दायित्वों का निर्वहन कर रहा है, लेकिन सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से समाज को मौलिक पहचान से वंचित कर रखा है, जिसके लिण् आठ दशकों से कई पीढ़ियां निरंतर मौलिक पहचान को लेकर संघर्षरत है। निहित राजनीतिक स्वार्थों की पूर्ति के लिए समाज की मांगों की अवहेलना होती आ रही है जिसके विरुद्ध सोमवार को उदयपुर जिले की सभी पंचायतों, नवयुवक मंडलों एवं समाज जन ने जिला कलेक्टर उदयपुर के माध्यम से प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपने के साथ ही निर्णायक संघर्ष का ऐलान कर दिया है जो अब मांगे पूरी होने के साथ ही थमेगा।
युवा शक्ति जिला अध्यक्ष सूर्य प्रकाश घोडेला ने बताया कि आज उदयपुर जिला कलेक्ट्री पर मुकुंदपुरा, सूरजपोल, देवाली, सकरामपूरा, मंडी, प्रवासी समाज, तानावटी चौकी और पुला पंचायतों के अध्यक्षों, सदस्यों व राष्ट्रीय महासभा के जनगणना मंत्री सहित राष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने एकजुटता दिखाते हुए पांच सूत्रीय ज्ञापन के माध्यम से जातिगत जनगणना में समाज की मौलिक पहचान इंद्राज करने, स्थापत्य कला बोर्ड पुनर्गठित करने, समाज के शिल्पकारों के लिए प्रोत्साहन योजनाएं बनाने, भवन निर्माण से फैलने वाली सिलिकोसिस बीमारी की रोकथाम एवं पीड़ितों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने सहित शीघ्र ही स्थापत्य कला बोर्ड का चेयरमैन नियुक्त करने की मांग की।
प्रवासी समाज अध्यक्ष हरीश आसिवाल ने कहा कि अबकी होने वाली जनगणना में सभी सदस्य जो कुमावत नाम की जगह अपनी गौत्र लिखते हैं वे सभी अनिवार्य रूप से कुमावत ही लिखें जिससे सरकार को अपनी संख्या का स्पष्ट पता चले।
ज्ञापन एवं रणनीति निर्माण बैठक में राष्ट्रीय जनगणना मंत्री हरि सिंह घटेलवाल, पंचायत अध्यक्ष कन्हैया लाल नाहर, पुरुषोत्तम उदिवाल, जितेन्द्र तुनीवाल, हरीश वर्मा, राष्ट्रीय प्रतिनिधि मदन सिंह बाबरवाल, सकरामपुरा प्रतिनिधि डॉ रवि टांक, पुला पंचायत प्रतिनिधि दिनेश झालवार, दुर्गेश गोठवाल, मनोहर गोठवाल, तानावटी चौकी प्रतिनिधि नारायण लाल अन्यावड़ा, युवा शक्ति प्रदेश मंत्री एवं जिलाध्यक्ष सहित महिला महिला प्रतिनिधि के रूप में नगर निगम पार्षद डॉ नेहा टांक, परमानंद नगरिया, परसराम कवाया, सुरेश मेरावंडिया, कमलेश कुमार, रमेश चंद्र, हेमराज, प्रकाश, निशांत बातरा, कमल खंडारिया, दामोदर लाल, मांगीलाल, अर्जुन, जीवन, भेरू लाल मारोठिया, लोकेश गोठवाल, शिव लाल, युवा शक्ति के अंबालाल, सुरेश मेरावंडिया, लोकेश लारणा, दीपक बालोदिया सहित अन्य समाज जन की उपस्थिति में निर्णायक संघर्ष की रणनीति बनाकर संघर्ष समिति का आगाज़ किया।
Udaipur
कुमावत समाज स्वतंत्र पहचान को लेकर उतरा सड़कों पर, निर्णायक संघर्ष का किया ऐलान
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