उदयपुर। जैन धर्म के सोलहवें तीर्थंकर भगवान 1008 श्री शांतिनाथ भगवान के पावन निर्वाण (मोक्ष) कल्याणक महोत्सव का भव्य आयोजन 14 जून, रविवार को ध्यानोदय तीर्थ में धर्म, साधना और भक्ति के अनुपम वातावरण में संपन्न होगा। इस अवसर पर संपूर्ण तीर्थ परिसर को भव्य एवं आकर्षक सजावट से अलंकृत किया गया है, जहां श्रद्धालु भगवान के मोक्ष महोत्सव का पुण्य लाभ प्राप्त करेंगे।
धार्मिक मान्यता के अनुसार मोक्ष कल्याणक वह दिव्य क्षण है, जब आत्मा समस्त कर्म बंधनों से मुक्त होकर अनंत ज्ञान, अनंत दर्शन, अनंत सुख और अनंत शक्ति को प्राप्त करती है। यही कारण है कि जैन परंपरा में निर्वाण कल्याणक को आत्मकल्याण और आध्यात्मिक उत्कर्ष का सर्वाेच्च पर्व माना गया है।
महोत्सव के अंतर्गत प्रातःकाल भगवान शांतिनाथ का पूर्ण पंचामृत महामस्तकाभिषेक एवं 108 दूध कलशों से अभिषेक किया जाएगा। इसके साथ ही जल, दही, घृत, इक्षुरस, आमरस, नारियल रस, मौसंबी रस, कीनू रस तथा सर्वाैषधियों से विशेष अभिषेक होंगे। चंदन लेपन एवं सुगंधित पुष्पवृष्टि के बीच भगवान की आराधना से पूरा तीर्थ परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो उठेगा।
इस अवसर पर दिव्य नागमणि मंगल आरती, विशेष महाशांतिधारा, पूर्ण सुगंधित धारा कलश तथा विश्व शांति, मानव कल्याण और समस्त जीवों के मंगल की कामना से अनेक धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। भगवान शांतिनाथ की जिनेन्द्र महाअर्चना विधान भी संपन्न होगी, जिसमें सौधर्म इन्द्र बनने का सौभाग्य श्रद्धालु दम्पति श्रीमती इंदुदेवी एवं श्री ओमप्रकाश गोदावत को प्राप्त होगा। श्रद्धालुओं की मंगल भावनाओं के साथ भगवान के चरणों में भव्य निर्वाण लड्डू समर्पित किया जाएगा।
अहमदाबाद की ओर पदविहार कर रही गुरु माँ सुप्रकाशमती माताजी ने कहा कि भगवान शांतिनाथ का यह कल्याणक विशेष रूप से महिमामय है, क्योंकि उनका जन्म, तप और मोक्ष कल्याणक एक ही दिन सम्पन्न हुआ था। यह दुर्लभ संयोग आत्मा की शुद्धि, संयम, तपस्या और वैराग्य के महत्व को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि तीर्थंकरों का जीवन प्रत्येक जीव को यह प्रेरणा देता है कि संसार की नश्वरता को समझकर आत्मकल्याण के मार्ग पर अग्रसर होना ही जीवन की वास्तविक सफलता है।
माताजी ने कहा कि मोक्ष का मार्ग बाहरी वैभव से नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चरित्र से प्रशस्त होता है। भगवान शांतिनाथ का निर्वाण कल्याणक हमें यह संदेश देता है कि प्रत्येक आत्मा में परमात्मा बनने की अनंत संभावना विद्यमान है।
ध्यानोदय तीर्थ प्रबंधन समिति ने समस्त धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से इस पुण्यदायी महोत्सव में सहभागिता कर धर्मलाभ प्राप्त करने का आग्रह किया है। ट्रस्ट के प्रवक्ता विपिन जैन ने बताया कि यह आयोजन सकल जैन समाज के सामूहिक तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
मोक्ष कल्याणक का यह पावन पर्व श्रद्धालुओं को आत्मजागरण, वैराग्य, संयम और सिद्धत्व की ओर बढ़ने की प्रेरणा प्रदान करेगा।
Udaipur
जब आत्मा पहुंचे सिद्धशिला की ओरःभगवान शांतिनाथ का पावन मोक्ष कल्याणक 14 जून को श्रद्धा-भक्ति से मनाया जाएगा
जन्म, तप और निर्वाण एक ही दिन होने से और भी महिमामय है भगवान शांतिनाथ का कल्याणक, ध्यानोदय तीर्थ में होंगे दिव्य धार्मिक अनुष्ठान
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