डिजिटल नशा "आक्रामक और अकेला"बना रहा है, चाहे वह मोबाइल हो लैपटॉप हो या और कोई डिजिटल डिवाइस उसके ना मिलने पर या रोक लगाने पर "बालक से लेकर बूढ़े" भी आक्रामक होते जा रहे हैं। चीन अमेरिका में हुई एक रिसर्च के अनुसार इन डिजिटल डिवाइस का ब्रेन की एम आर आई में ड्रग लेने जैसे परिवर्तन हो रहे हैं। अपने बच्चों को डिजिटल नशे से बचाने के लिए परिजनों को पहले दिन में कुछ समय इसे छोड़कर बच्चों के साथ अन्य एक्टिविटीज में रहना होगा। यह कहना है नशा मुक्ति अभियान में पिछले 25 वर्षों से लगे वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर पी सी जैन का आज "विश्व नशा मुक्ति दिवस" पर
देश में इस समय 37 करोड लोग किसी न किसी प्रकार के नशे में लिप्त है जो अमेरिका की आबादी के बराबर है। उन्होंने कहा कि कानूनी रूप से लड़का लड़की बराबर है परंतु नशा करने से हानि लड़कियों को उनकी शारीरिक एवं हार्मोनल अंतर से कई गुना अधिक होती है लड़कों के तुलना में। नेल पॉलिश, नेल पॉलिश रिमूवर, शू पॉलिश से नशा होने पर ब्रेन को नुकसान होता है। बढ़ते गांजे के नशे से जो कि सिगरेट,बीडी के रूप में मिलता है इसमें तंबाकू और गांजा से शिजोफ्रेनिया नामक मनोरोग हो सकता है जिसे ठीक करना बहुत कठिन होता है। इससे एक "श्रेष्ठ छात्र, वर्स्ट छात्र" बन जाता है। कक्षा में अध्यापक और घर में माता-पिता अपने परिजन के बदलते व्यवहार को शीघ्र पहचान कर प्रारंभिक अवस्था में ही छुड़वा सकते हैं। चिकित्सा व्यवसाय से जुड़े डॉक्टर, नर्स को हर प्रकार के प्रचलित नशे के लक्षणों की जानकारी होने पर वे अपने रोगी को नशे की गंभीर अवस्था में पहुंचने से पूर्व ही इलाज कर सकते हैं और बढ़ते एक्सीडेंट और अपराध व टूटते परिवार को रोकने में अपनी भूमिका निभा सकते हैं। "नर्स नशा छुड़ाने में बहुत बड़ी भूमिका रखती है क्योंकि वह मरीज के बहुत निकट और अधिक समय साथ रहती है। लड़कियों को भविष्य में एक "माता जो निर्माता है" उसका रूप लेना पड़ता है और शराब तंबाकू , डिजिटल इत्यादि नशे होने वाले बालक में शारीरिक एवं मानसिक अपंगता पैदा कर सकती है जिसका परिणाम भी मां को ही अधिक भुगतना होता है।
आज के दिन हम सब प्रतिज्ञा करें कि हम सब किसी प्रकार का नशा नहीं करेंगे एवं अधिक से अधिक नशेड़ी को नशा छोड़ने "नशा एक रोग है" यह मानते हुए प्रेरित करेंगे। आज 26 जून अंतर्राष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस (अंतर्राष्ट्रीय मादक पदार्थ निषेध और तस्करी रोकथाम दिवस) मनाया जाता है।
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