उदयपुर। राज्य सरकार द्वारा समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के मसौदे पर जनसहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट मिनी सभागार में संभाग स्तरीय जनसुनवाई का आयोजन किया गया। जनसुनवाई की अध्यक्षता समान नागरिक संहिता प्रारूप समिति के सदस्य एवं राजस्थान उच्च न्यायालय, जयपुर बेंच के अतिरिक्त महाधिवक्ता श्री बसंत सिंह छाबड़ा ने की। गृह विभाग के प्रतिनिधि के रूप में प्रारूप समिति के सदस्य और संयुक्त शासन सचिव श्री मनीष गोयल भी मौजूद रहे। जनसुनवाई में उदयपुर संभाग के विभिन्न सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों, बार एसोसिएशन तथा जनप्रतिनिधियों ने मसौदे से संबंधित अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
जनसुनवाई में कानून निर्माण संबंधित प्रारूप समिति की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए श्री छाबड़ा ने कहा कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार प्रदान करता है। राज्य सरकार की मंशा है कि समान नागरिक संहिता जैसे महत्वपूर्ण कानून का निर्माण व्यापक जनभागीदारी के साथ किया जाए। इसी उद्देश्य से प्रदेशभर में जनसुनवाई आयोजित कर विभिन्न वर्गों एवं समाजों से सुझाव आमंत्रित किए जा रहे हैं, ताकि सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए प्रभावी एवं समावेशी कानून तैयार किया जा सके। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई के अलावा प्रदेश के आमजन वेबसाइट डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट यूसीसी डॉट राजस्थान डॉट जीओवी डॉट इन पर लॉग इन कर भी अपने सुझाव प्रेषित कर सकते है।
सांसद डॉ रावत बोले ष्महिलाओं और बच्चों के हितों को मिले प्राथमिकता, जनजाति समाज को रखे यूसीसी के दायरे से बाहर
जनसुनवाई के दौरान लोकसभा सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने अपने सुझाव रखते हुए कहा कि कानून बनाते समय महिलाओं एवं बच्चों के अधिकारों और हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि जनजातीय समाज की विशिष्ट परंपराओं, संस्कृति एवं रीति-रिवाजों के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए मूल रूप से जनजातीय समाज को इस प्रस्तावित कानून से बाहर रखा जाए। वहीं बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र जैन ने समान नागरिक संहिता लागू किए जाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि देश के सभी नागरिकों के लिए समान कानून होना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि एक समान कानूनी व्यवस्था से न्यायिक प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी एवं प्रभावी बनेगी।
जनसुनवाई के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने सुझाव एवं विचार रखे। इस दौरान संभाग के अन्य जिले डूंगरपुर, प्रतापगढ़, राजसमंद एवं सलूंबर से भी संबंधित कलेक्ट्रेट स्थित डिओआईटी के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष के माध्यम से समुदाय-समाज एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि जुड़े और उन्होंने समान नागरिक संहिता के मसौदे पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
इस दौरान वल्लभनगर विधायक उदयलाल डांगी, संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमनी, जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल, अतिरिक्त संभागीय आयुक्त सी.आर. देवासी, अतिरिक्त जिला कलेक्टर दीपेंद्र सिंह राठौड़, अतिरिक्त जिला कलेक्टर (शहर) जितेंद्र ओझा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश ओझा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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