उदयपुर। भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण टास्क फोर्स, जिला बाल श्रम टास्क फोर्स एवं जिला स्तरीय बंधक श्रमिक सतर्कता समिति की बैठक मंगलवार को अति. जिला कलक्टर (शहर) जितेन्द्र ओझा की अध्यक्षता में जिला कलक्टर सभागार में आयोजित की गई।

संभागीय संयुक्त श्रम आयुक्त संकेत मोदी ने बताया कि बैठक में सीडब्ल्यूसी, बाल अधिकारिता विभाग, मानव तस्करी विरोधी यूनिट, शिक्षा विभाग, चाईल्ड लाईन के प्रतिनिधि उपस्थित रहेे।बैठक वार विवरण-जिला बाल श्रम टास्क फोर्स बैठक -बैठक में बालक और कुमार श्रम (प्रतिषेध और विनियमन) के प्रभावी क्रियान्वयन एवं बाल श्रम उन्मूलन की रोकथाम के सम्बन्ध में जारी मानव संचालन प्रक्रिया के तहत चाईल्ड लाईन, सी.डब्ल्यु.सी, एटीएचयू व श्रम विभाग द्वारा कार्यवाही की जा रही है।

मानव तस्करी विरोधी यूनिट के द्वारा जनवरी 2026 से जुलाई, 2026 तक 36 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया और 26 प्रकरण दर्ज किये जिसमें 24 के विरूद्ध न्यायालय मे चालान प्रस्तुत किये गए ।संयुक्त श्रम आयुक्त ने बताया कि बाल श्रम उन्मूलन हेतु 12 दिसम्बर 2021 को जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत समस्त विभागों को सौपें गये दायित्वों के अनुसार समयबद्ध प्रभावी कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया।

उन्होंने बताया कि विद्यालयों से ड्राॅपआउट बच्चों की सूचना के सम्बन्ध में अति. जिला कलक्टर द्वारा शिक्षा विभाग को मुक्त कराये गये बाल श्रमिकेां को आवश्यक रूप से शैक्षिक पूर्नवास हेतु निर्देशित किया गया साथ ही गोगुन्दा/कोटडा/झाडोल क्षेत्रों में बालश्रम में लिप्त ठकेदारों/बिचोलियों के लिये मानव तस्करी यूनिट को कार्यवाही करने बाबत निर्देशित किया गया।

बैठक में बाल अधिकारिता विभाग से प्रतिनिधि द्वारा बाल श्रम के विरूद्व चलाये जा रहे अभियान के सबंध में जानकारी प्रदान की गई।

जिस पर अति. जिला कलक्टर द्वारा अभियान को और अधिक प्रभावी रूप से चलाये जाने व दोषी नियोजकों के विरूद्व कठोर कार्यवाही करने के लिये निर्देशित किया।

कार्यालय मे पदस्थापित श्रम निरीक्षकगणों द्वारा बाल श्रम नहीं कराये जाने के सम्बन्ध मे जागरूकता अभियान चलाया जाकर 397 संस्थानों के नियोजकों से वचन पत्र भरवाये गए।भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण टास्क फोर्स -भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण टास्क फोर्स की बैठक में उपस्थित संभागीय संयुक्त श्रम आयुक्त द्वारा भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण उपकर अधिनियम, 1996 के तहत अब तक संग्रहित किये गये उपकर एवं उक्त अधिनियम की कल्याणकारी योजनाओं के तहत लाभान्वित किये गये श्रमिकों का विवरण प्रस्तुत किया गया।

जिले मे विभाग द्वारा भवन एंव अन्य संनिर्माण श्रमिकों का पंजीयन एंव अनुदान/सहायता राशि सें लाभान्वित किये जानें का कार्य किया जा रहा है।

जिसके अन्तर्गत किसी भी निर्माण कार्य में नियोजित श्रमिकों का पंजीयन हिताधिकारी के रूप में किया जाकर उन्हें मंडल द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जाता है।

विभाग द्वारा अब तक कुल 144758 निर्माण श्रमिको का पंजीयन हिताधिकारी के रूप में किया है और 95329 पात्र निर्माण श्रमिकों को लाभान्वित किया जा चुका है।

वर्ष 2026-27 में 817 श्रमिकों का निर्माण श्रमिक के रूप में पंजीयन किया जा चुका हैं। बैठक में अध्यक्ष द्वारा निर्देशित किया गया कि पात्र निर्माण श्रमिकों का पंजीयन कर उन्हें राज्य सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं मे लाभ दिये जाए।

साथ ही राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम के तहत लम्बित उपकर वसूली के प्रकरणों मे शीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश भी प्रदान किये गए।बंधक श्रमिक सतर्कता समिति की बैठक -संयुक्त श्रम आयुक्त ने बताया कि जिला स्तरीय बंधक श्रमिक सतर्कता समिति की बैठक में उपस्थित अधिकारीगण/सदस्यगण से चर्चा कर जिले में उपखण्ड स्तरीय बंधक श्रमिक सतर्कता समितियों के पुनर्गठन एवं उपखण्ड स्तर पर वर्ष में दो बार किये जाने वाले सर्वे की रिपोर्ट एवं उपखण्ड स्तरीय बंधक सतर्कता समितियों की बैठक का कार्यवाही विवरण प्रस्तुत किया गया।

साथ ही अति. जिला कलक्टर द्वारा बंधक श्रम प्रतिषेध अधिनियम के तहत लम्बित आपराधिक प्रकरणों की सूचना सभी एसडीएम से प्राप्त करने हेतु निर्देशित किया गया।

उन्होंने बताया कि सेन्ट्रल सेक्ट बोंडेड लेबर स्कीम के प्रावधानानुसार गोगुन्दा, वल्लभनगर, बडगाॅव, कोटडा, उदयपुर शहर, मावली, गिर्वा, खेरवाडा, फलासिया, झाडोल इत्यादि उपखंडों से बंधक श्रम सर्वे कार्य पूर्ण करवा प्रपत्र प्राप्त हो चुके हैं जिसके अनुसार जिले मे कोई बंधक श्रमिक नही पाया गया है।