उदयपुर। राज्य की पहली गैर सैन्य व गैर राजकीय एवरेस्ट विजेता उदयपुर की बेटी मनस्वी अग्रवाल का शुक्रवार को जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल ने सम्मान किया। अपने पिता टी आर अग्रवाल के साथ जिला कलक्टर से मिलने पहुंची मनस्वी को जिल कलक्टर ने मेवाड़ी पाग पहनाकर सम्मानित किया और उज्जवल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर  उन्होने मनस्वी की इस उपलब्धि को देखते हुए राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में सम्मानित करने की अनुशंषा भी की है। राज्य स्तरीय सम्मान के लिए उदयपुर सांसद डॉ मन्नालाल रावत भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। बता दें कि हाल ही में 21 मई को मनस्वी ने दुनिया की सबसे बड़ी चोटी माउण्ट एवरेस्ट पर तिरंगा लहरा कर इतिहास रचा है। वह इस उपलब्धि को पाने वाली राज्य की गैर सैन्य व गैर राजकीय क्षेत्र की प्रथम महिला पर्वतारोही है।
मनस्वी के पिता टी आर अग्रवाल ने बताया कि 12 दिसंबर 2025 को अंटार्कटिका महाद्वीप के सर्वाेच्च शिखर माउण्ट विन्सन मैसिफ को भी फतह करने वाली वह राज्य की पहली पर्वतारोही है। इस चोटी का अभी तक प्रदेश के किसी व्यक्ति ने आरोहण नहीं किया है। इससे पूर्व मनस्वी 16 अगस्त 2025 को यूरोप महाद्वीप की सर्वोच्च चोटी माउंट एलब्रुस, 9 दिसंबर 2025 को अफ्रीका की सर्वाेच्च चोटी किलीमंजारो एवं 22 जनवरी 2026 को दक्षिण अमेरिका महाद्वीप की सर्वोच्च चोटी  माउंट अकोनकागुआ पर भी भारतीय ध्वज फहरा चुकी है। इस प्रकार मनस्वी विश्व के सात महाद्वीपों में से पांच महाद्वीपों के सर्वाेच्च शिखरों पर भारतीय ध्वज फहराने वाली राजस्थान की प्रथम महिला पर्वतारोही बन गई है। उसने यह उपलब्धि मात्र 9 माह की अल्प अवधि में हासिल की है जो कि अपने आप में एक कीर्तिमान है।
मनस्वी ने बताया कि विश्व के सर्वोच्च शिखरों पर पर्वतारोहण करने के लिए घर से दूर रहकर लगातार तीन माह से निरंतर हिमाचल, उत्तराखंड, लेह-लद्दाख एवं नेपाल के उच्च बर्फीले पर्वतीय स्थलों पर गहन प्रशिक्षण प्राप्त किया। माउंट एवरेस्ट पर पर्वतारोहण करने के लिए विषम परिस्थितियों का सामना करने के लिए तकनीकी दक्षता एवं उच्च स्तरीय शारीरिक क्षमता एवं मानसिक स्थिरता की आवश्यकता होती है। इन पर्वत शिखरों का तापमान माइनस 45 डिग्री से माइनस 50 डिग्री तक रहता है एवं 70-80 किलोमीटर प्रतिघंटा तक की बर्फीली हवाओं का भी सामना करना पड़ता है।

भारतीय सेना के संस्थानों से लिया प्रशिक्षण
मनस्वी अग्रवाल ने पर्वतारोहण के क्षेत्र में कठोर और वैज्ञानिक प्रशिक्षण प्राप्त किया है। उन्होंने माउंटेनरिंग इंस्टीट्यूट दिरांग तथा हिमालयन माउंटेनरिंग इंस्टीट्यूट से मूलभूत एवं एडवांस पर्वतारोहण प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण किया है। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में लगभग एक माह तक 6500 मीटर ऊँची बर्फीली चोटियों पर रहकर अभ्यास कराया जाता है। ये दोनों संस्थान भारतीय सेना द्वारा संचालित हैं। इसके अतिरिक्त इन्होंने स्वामी विवेकानन्द रॉक क्लाइम्बिंग संस्थान से भी गहन प्रशिक्षण प्राप्त कर प्रमाणित प्रशिक्षण का दर्जा हासिल किया है।

शूटिंग की बेहतरीन खिलाड़ी और प्रतिभावान विद्यार्थी है मनस्वी
मनस्वी न केवल पर्वतारोहण के क्षेत्र में अपितु श्शूटिंगश् खेल के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय सफलता प्राप्त कर चुकी है। इन्होंने 10 मीटर राइफल शूटिंग खेल में राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व करने हेतु भारतीय दल के चयन प्रक्रिया में चार चरणों को पूर्ण किया है।  गुजरात नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से पाँच वर्षीय विधि अध्ययन पूर्ण कर स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की है एवं वर्तमान में वे पर्यावरणीय कानून पर शोध कार्य कर रही हैं। साथ ही विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा आयोजित सहायक आचार्य पात्रता परीक्षा में 99.2 परसेंटाइल के साथ उत्तीर्ण हुई हैं।
 

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