उदयपुर,  नारायण सेवा संस्थान के लियों का गुड़ा स्थित सेवा महातीर्थ में बुधवार को गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान गणपति एवं महर्षि वेदव्यास के पूजन से हुआ। इस अवसर पर संस्थान के संस्थापक कैलाश 'मानव' का अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल, सह-संस्थापिका कमला देवी अग्रवाल, निदेशक वंदना अग्रवाल, निदेशक पलक अग्रवाल, ट्रस्टी जगदीश आर्य तथा ट्रस्टी देवेन्द्र चौबीसा ने अभिनंदन किया।

कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से संस्थान की सहयोगी शाखाओं के प्रभारी, साधक-साधिकाएं और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। समारोह का सीधा प्रसारण 'आस्था' चैनल के माध्यम से देशभर में किया गया।

अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने कहा कि गुरु का मार्गदर्शन व्यक्ति के व्यक्तित्व निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। गुरु जीवन की चुनौतियों का सामना करने और सही दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

अपने आशीर्वचन में कैलाश 'मानव' ने अपने गुरु एवं गायत्री परिवार के संस्थापक पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य को नमन करते हुए कहा कि मनुष्य जन्म अनेक जन्मों के पुण्यों का फल है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को सदैव सेवा, परोपकार और मानव कल्याण के मार्ग पर चलते रहना चाहिए। उन्होंने गुरु परंपरा को जीवन का पथप्रदर्शक बताते हुए सेवा भाव को सर्वोच्च धर्म बताया।

इस अवसर पर कई शिष्यों ने भी अपने अनुभव एवं विचार साझा किए। कार्यक्रम का संयोजन महिम जैन ने किया।

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