उदयपुर। डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउण्डेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) के अंतर्गत स्वीकृत विकास कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से धरातल पर उतारने के उद्देश्य से जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट मिनी सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में डीएमएफटी की 11वीं एवं 12वीं गवर्निंग काउंसिल में अनुमोदित विभिन्न विकास कार्यों की विभागवार एवं कार्यकारी एजेंसीवार प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान जिला कलक्टर ने प्रत्येक विभाग से स्वीकृत कार्यों की वर्तमान स्थिति, वित्तीय एवं भौतिक प्रगति, प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृतियों तथा निर्माण कार्यों में आ रही बाधाओं की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट कहा कि डीएमएफटी के माध्यम से संचालित विकास कार्य आमजन के हितों से सीधे जुड़े हुए हैं, इसलिए इनमें किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी अधिकारी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए तय समयसीमा में उन्हें पूर्ण कराना सुनिश्चित करें।
समीक्षा के दौरान कई कार्यों में संबंधित ग्राम सभाओं का अनुमोदन लंबित पाए जाने पर जिला कलक्टर ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित प्रस्तावों का प्राथमिकता के आधार पर ग्राम सभाओं में अनुमोदन कराकर उसकी रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करें, ताकि विकास कार्यों में किसी प्रकार की प्रशासनिक बाधा नहीं रहे।
जिला कलक्टर ने कहा कि जिन कार्यों के निर्माण प्रारंभ करने से पूर्व की सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण हो चुकी हैं, उनकी प्रथम किश्त की राशि बिना विलंब जारी की जाए। वहीं जिन परियोजनाओं में कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप संतोषजनक गति से चल रहे हैं, उनके लिए द्वितीय किश्त की मांग तत्काल भेजी जाए, जिससे वित्तीय संसाधनों के अभाव में विकास कार्य प्रभावित न हों। उन्होंने संबंधित विभागों एवं कार्यकारी एजेंसियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक स्वीकृत कार्य की सतत निगरानी रखी जाए, प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए तथा किसी भी प्रकार की समस्या अथवा बाधा होने पर उसका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से समन्वय के साथ कार्य करते हुए डीएमएफटी के माध्यम से स्वीकृत योजनाओं का लाभ समय पर आमजन तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया।
बैठक में प्रशिक्षु आईएएस मणिमाला एन., जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी विरमाराम, कोषाधिकारी प्रीति वर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं जिले के सभी खण्ड विकास अधिकारी वीडियो कांफ्रेन्स के माध्यम से जुड़े।
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