जयपुर, 15 अगस्त। राजस्थान में 80वां स्वतंत्रता दिवस शनिवार को देशभक्ति, उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। प्रदेश के जिला मुख्यालयों से लेकर राज्य स्तरीय समारोह तक तिरंगे की शान, देशभक्ति के रंग और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को गौरवपूर्ण बना दिया।
राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बीकानेर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विकसित भारत के संकल्प के साथ राजस्थान को विकसित एवं समृद्ध प्रदेश बनाने के लिए सामूहिक भागीदारी का आह्वान किया।
जिला मुख्यालयों पर आयोजित समारोहों की शुरुआत राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के गायन से हुई। इसके बाद ध्वजारोहण, परेड निरीक्षण और मार्च पास्ट हुआ। विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। जिलों की सांस्कृतिक विरासत, उपलब्धियों और विकास को दर्शाती झांकियां भी समारोहों का प्रमुख आकर्षण रहीं।
शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को नमन
समारोहों में मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने स्वतंत्रता संग्राम के ज्ञात-अज्ञात सेनानियों तथा शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने कहा कि देश की आजादी असंख्य वीरों के त्याग, संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। स्वतंत्रता की इस विरासत को सुरक्षित रखना और राष्ट्र की एकता-अखंडता को मजबूत करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
जोधपुर में संसदीय कार्य, विधि एवं न्याय मंत्री जोगाराम पटेल ने श्री उम्मेद राजकीय स्टेडियम में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस को बलिदानों को स्मरण करने और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का संकल्प लेने का अवसर बताया।
सवाई माधोपुर में कृषि, उद्यानिकी एवं ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने मुख्य समारोह में ध्वजारोहण किया। टोंक में जलदाय एवं भूजल मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने वीरांगनाओं का सम्मान किया तथा जिले की 88 प्रतिभाओं को सम्मानित किया।
विकास और जनभागीदारी का संदेश
प्रतापगढ़ में राजस्व मंत्री हेमंत मीणा ने कहा कि स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ तभी सार्थक है, जब समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान, अधिकार और आगे बढ़ने के अवसर मिलें। वहीं कोटा में शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करते हुए युवाओं में संस्कार और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर जोर दिया।
पाली में पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने नागरिकों से राष्ट्रीय गौरव की भावना को जीवन में बनाए रखने और स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।
प्रतिभाओं और वीरांगनाओं का सम्मान
स्वतंत्रता दिवस समारोहों में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। बूंदी में ऊर्जा राज्यमंत्री हीरालाल नागर ने अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज अरुंधति चौधरी को सम्मानित किया।
अलवर में 24 प्रतिभाओं को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया तथा वीरांगनाओं का भी सम्मान हुआ। डीडवाना-कुचामन में अधिकारियों, कर्मचारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, भामाशाहों, लोक कलाकारों, खिलाड़ियों और विद्यार्थियों सहित 57 प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।
विकास की उपलब्धियां भी रहीं चर्चा में
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों और भविष्य की योजनाओं का भी उल्लेख किया गया। बाड़मेर में उद्योग एवं वाणिज्य राज्यमंत्री के.के. विश्नोई ने बालोतरा स्थित देश के पहले एकीकृत रिफाइनरी-कम-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को क्षेत्र के औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
हनुमानगढ़ में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने अमृतसर-जामनगर ग्रीन एक्सप्रेस-वे और नहरों के सुदृढ़ीकरण जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स का उल्लेख किया। वहीं भरतपुर में जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने आने वाली पीढ़ियों के लिए विकसित राष्ट्र के साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की जिम्मेदारी पर जोर दिया।
जैसलमेर, सीकर, चित्तौड़गढ़, जालोर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, चूरू, धौलपुर, बारां, श्रीगंगानगर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी स्वतंत्रता दिवस समारोह गरिमापूर्ण वातावरण में आयोजित हुए।
प्रदेशभर में आयोजित समारोहों ने एक साथ स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानों को नमन किया और विकसित, समृद्ध एवं आत्मनिर्भर राजस्थान के निर्माण का संकल्प दोहराया।