उदयपुर। श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथ समाज के आठ दिवसीय पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व का शुभारंभ मंगलवार को महाप्रज्ञ विहार में हुआ।

युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमणजी के आज्ञा अनुवर्ती मुनि श्री संजय कुमारजी दिवेर, मुनि श्री प्रकाश कुमारजी दिवेर एवं मुनि श्री सिद्धि प्रज्ञजी उज्जैन के सान्निध्य में श्रद्धालुओं ने तप, संयम, स्वाध्याय, ध्यान एवं प्रतिक्रमण की आराधना की।श्री जैन तेरापंथ महिला मंडल, तेरापंथ युवक परिषद, तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम एवं अणुव्रत समिति उदयपुर के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में प्रथम दिन खाद्य संयम दिवस मनाया गया।

श्रावक-श्राविकाओं ने उपवास, एकासन सहित विभिन्न संयम एवं नियमों का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान पार्श्वनाथ के जाप से हुआ तथा महिला मंडल ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया।धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनिश्री सिद्धि प्रज्ञ ने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए खान-पान में संयम और अनुशासन जरूरी है।

व्यक्ति को कितना, कब, कैसे और कौन-सा भोजन करना है, इसका विवेक रखना चाहिए। उन्होंने सात्विक भोजन अपनाने, तामसिक भोजन से बचने और रात्रि भोजन का त्याग करने की प्रेरणा दी।

मुनिश्री प्रकाश कुमार ने कहा कि पर्युषण केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और आत्मनिरीक्षण का पर्व है। उन्होंने क्रोध, मान, माया और लोभ जैसे कषायों पर नियंत्रण का संदेश दिया।

मुनिश्री संजय कुमार ने भगवान महावीर के जीवन प्रसंगों एवं माता त्रिशला के संस्कारों का वर्णन किया। उन्होंने स्वप्नों के प्रभाव से बचने और णमोकार महामंत्र के जाप की प्रेरणा दी।

तेरापंथ सभा उदयपुर के अध्यक्ष राजकुमार कच्छारा और मंत्री राकेश नाहर ने बताया कि बुधवार 9 सितम्बर को स्वाध्याय दिवस मनाया जायेगा।