विज्ञान समिति उदयपुर की रोबोटिक लैब में प्रशिक्षित सरकारी स्कूलों के 11 छात्र 19 सितंबर को हैदराबाद में ‘ग्लोबल कूलेस्ट प्रोजेक्ट्स अवॉर्ड’ में भाग लेंगे। रास्पबेरी पाई फाउंडेशन द्वारा प्रायोजित इस वैश्विक मंच पर ये विद्यार्थी कृषि, स्वास्थ्य, पर्यावरण और दिव्यांग सहायता जैसे क्षेत्रों में अपने नवाचार प्रस्तुत करेंगे।

समिति के मीडिया प्रभारी प्रो विमल शर्मा ने चयनित विद्यार्थी व उनके प्रोजेक्ट का विवरण देते हुए बताया कि 1) दीक्षा ने 3D प्रिंटिंग तकनीक से मृदा स्वास्थ्य जाँच उपकरण तैयार किया है, जो मिट्टी का pH, नमी और NPK स्तर मापकर किसानों को फसल व उर्वरक संबंधी बेहतर निर्णय लेने में सहायता करता है।

2) मोनिका ने अस्पतालों के लिए स्मार्ट ड्रिप होल्डर बनाया है, जो IV ड्रिप समाप्त होने से पहले संकेत देकर स्वास्थ्यकर्मियों को सचेत करता है।

3) काव्या ने निर्माण श्रमिकों के लिए कम लागत वाला स्मार्ट दूरी मापक उपकरण विकसित किया है, जिससे पारंपरिक फीते के बिना दूरी को तेजी और सटीकता से मापा जा सकता है।

4) भाव्या ने 3D प्रिंटेड रोबो डॉग बनाया है, जिसे उसके स्वयं द्वारा डिजाइन किए गए मोबाइल ऐप से नियंत्रित किया जा सकता है; सर्वो मोटरों की सहायता से यह चलने, बैठने, खड़े होने और हाथ हिलाने जैसी गतिविधियां कर सकता है। 5) विवेक ने IoT आधारित ईंधन धोखाधड़ी पहचान प्रणाली तैयार की है, जो भरे गए ईंधन की वास्तविक मात्रा को उपकरण और स्मार्टफोन दोनों पर प्रदर्शित करती है।

6) वंशिका ने दो रास्पबेरी पाई और LoRa तकनीक पर आधारित पर्यावरणीय डेटा स्टेशन बनाया है, जो बिना SIM कार्ड या इंटरनेट के तापमान, आर्द्रता और प्रकाश संबंधी आंकड़े लगभग 5 किलोमीटर तक भेज सकता है।

7) हंसिका ने रास्पबेरी पाई आधारित आवाज से संचालित स्मार्ट सहायक उपकरण विकसित किया है, जो उपयोगकर्ता के प्रश्न सुनकर वास्तविक समय में उत्तर प्रदान करता है।

8) वीरेन ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित संकेत-से-पाठ प्रणाली बनाई है; कैमरे के माध्यम से हाथों के संकेतों को पहचानकर उन्हें पाठ में बदला जाता है, जिससे बोलने और सुनने में कठिनाई वाले लोगों के लिए संवाद को अधिक सुगम बनाने में सहायता मिल सकती है।

9) सुमित ने ESP8266 आधारित पोर्टेबल गेमपैड तैयार किया है, जिसमें आठ से अधिक गेम चलाए जा सकते हैं और जिसकी बैटरी लगभग 4–5 घंटे तक चलती है।

10) हर्ष ने 3D प्रिंटिंग तकनीक से छह पहियों वाला अंतरिक्ष रोवर बनाया है, जिसमें लाइव वीडियो और रिकॉर्डिंग के लिए 6-अक्षीय कैमरा, स्मार्टफोन से नियंत्रण तथा अलग-अलग भू-भागों के अनुरूप समायोजित होने वाले सौर पैनल लगाए गए हैं।

आयोजन व प्रायोजन कार्यक्रम: ग्लोबल कूलेस्ट प्रोजेक्ट्स अवॉर्ड (Coolest Projects India 2026) तारीख व स्थान: 19 सितंबर 2026, साइबर गार्डन्स कन्वेंशन सेंटर, हैदराबाद प्रायोजक: रास्पबेरी पाई फाउंडेशन संस्थागत सहयोग: विद्यालय उद्यम एसोसिएशन (VUA) और विज्ञान समिति मेकर लैब्स विद्यालय चयनित छात्र निम्नलिखित सरकारी विद्यालयों से हैं: महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, धानमंडी पीएम श्री महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, झाड़ोल राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, सिंधु स्वामी विवेकानंद गोगला विद्यालय, झाड़ोल विद्यालय उद्यम एसोसिएशन के कैलाश चंद्र रावल , कुल प्रमुख डॉ के एल कोठारी तथा विज्ञान समिति के पदाधिकारियों ने छात्रों को विदाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि सरकारी स्कूलों की रचनात्मकता का प्रमाण है।

मेकर लैब्स का लक्ष्य “करके सीखने” की संस्कृति विकसित करना और बच्चों में समस्या-समाधान का आत्मविश्वास जगाना है।छात्र अपने अभिभावकों व मार्गदर्शकों के साथ हैदराबाद पहुँचेंगे और वैश्विक मंच पर भारत के युवा नवप्रवर्तकों के रूप में अपनी पहचान बनाएंगे।