कोटा । राजकीय वाणिज्य कन्या महाविद्यालय, कोटा में गुरुवार को विश्व रोकथाम दिवस दिवस के उपलक्ष्य में आंतरिक शिकायत समिति, विशाखा समिति एवं एण्टी रेगिंग समिति के संयुक्त तत्वावधान में व्याख्यान का आयोजन किया गया।
प्राचार्य प्रो. अनिता वर्मा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अपने व्याख्यान में कहा कि जिन्दगी से बेहतर और बढ़कर कुछ नहीं होता।
उन्होने कहा कि जब भी किसी व्यक्ति के व्यवहार में कोई बदलाव दिखाई दे जैसे निराशा वाली बाते करता है, असामान्य खुशी दर्शाता है या सामाजिक दूरी बनाता है तो उसे हल्के में नहीं लेना उसे बुलाकर बात करनी चाहिए।
उसकी मदद करनी चाहिए। जिससे वह अवसाद में जाने से बचे।
परिवार से हमेशा जुड़ाव रखना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति में असामान्य संकेत दिखाई दे रहे है, तो उसे शर्मिदा न करें।
सरल शब्दों में उससे बात करनी चाहिए। उन्होनें कहा कि आत्महत्या केवल एक व्यक्ति की मृत्यु नही है वरन उसके साथ एक परिवार की उम्मीद रिश्तो की स्मृतियां और कई जिंदगियां भी प्रभावित होती है।
आंतरिक शिकायत समिति, विशाखा समिति एवं एण्टी रेगिंग समिति प्रभारी प्रो. रेनू नैनावत ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए बताया कि आकड़ों के अनुसार 70 फीसदी लोग आत्महत्या से पूर्व चेतावनी देते है। यदि सजगता से इसे पहचाने, भावनात्मक सहयोग उपलब्ध कराए तो उसे, बचाया जा सकता है। आत्महत्या को केवल व्यक्तिगत असफलता नहीं मानना चाहिए। एक समझदार साथ के द्वारा किसी की जिन्दगी को बचाया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में समिति सदस्य सुश्री लवीना टांडेल द्वारा सभी का धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में सह प्रभारी डॉ. अनिता माहेश्वरी एवं सदस्य डॉ. प्रियंका कुमावत, श्रीमती ज्योति नागर, डॉ. आयुषी अग्रवाल, श्रीमती ज्योति नागर, श्रीमती प्रियंका यादव, श्रीमती मोनिया गुर्जर, श्रीमती प्रियंका जगरवार, सुश्री टीना वर्मा, श्री रविन्द्र जांगिड़ एवं छात्राएं उपस्थित रही।