"जीवन - एक लहर"
जिंदगी...
चलने का नाम है,सागर की तरह। जिंदगी एक रंगमंच है,
जहां धूप है और छाया भी 
कभी खुशी तो कभी ग़म भी है।
जीवन...
एक बादल की तरह है 
जहां सुख है तो दु:ख भी है।
जिंदगी कहती हैं,
जियो तो हर पल ऐसे जियो,
जैसे कि आखिरी हो।
जीवन...
एक झोंका है,
जो आता है और चला जाता है।
अपना प्रतिपल स्वीकारे,
क्योंकि जो बीत गया, 
वह लौटना असंभव है।
जीवन...
एक रेत है,
जो हर क्षण फिसलती है।
अंततः 
जीवन हमें सिखाता है,
बीत गया सो बीत गया,
निरंतर चल और 
आगे की सुध लें।।