पिछले दो माह से प्रारंभ जल "जानकारी एवं नशा जानकारी" हेतु 19 स्कूलों में प्रारंभ किए गए अभियान का दूसरा सत्र 8 सितंबर को रॉयल अकैडमी स्कूल, प्रताप नगर एवं आज 10 सितंबर को गांधी बाल निकेतन स्कूल खेमपुरा में आयोजित किया गया। रॉयल एकेडमी स्कूल में चयनित विद्यार्थियों को जल संरक्षण हेतु पिछले माह दिए गए प्रशिक्षण की जानकारी ली गई। सतत चलने वाले इस प्रशिक्षण में जल नारे बताए गए जो स्कूल में बराबर गाये जा रहे हैं। इस बार तंबाकू के नशे को कैसे पहचाने इसकी जानकारी भी दी गई। आगे महीने भर चलने हेतु एक जल गीत की प्रैक्टिस भी कराई गई। श्रीमती शीतल अभियान प्रभारी ने डॉक्टर पी सी जैन को धन्यवाद एवं डॉ मंजू शर्मा प्रिंसिपल ने स्वागत किया।
गांधी बाल विद्या मंदिर में भी पिछले माह बताई गई जानकारी के बारे में पूछा गया। "जल ही जीवन है" इस गीत की प्रैक्टिस कराई गई। सभी विद्यार्थियों को नारियल वितरण किया गया ताकि वे अपने-अपने घर जाकर इसके छिलके गमले के पौधे के चारों ओर बिछा देवे जिससे उनमें पानी कम डालना पड़ेगा और पानी उड़ेगा नहीं साथ ही सड़ने पर यह खाद बन जाएगा। इस नारियल का प्रसाद अपने-अपने आस पड़ोस में जल संरक्षण की शपथ दिलाते हुए वितरित किया जाएगा। प्रिंसिपल दिनेश शर्मा ने जल मित्र डॉक्टर पी सी जैन का इस अभियान हेतु आभार प्रकट किया।
क्यों बचाए पानी और नशे से बचें?
बालपन और किशोरावस्था से ही अगर पानी क्यों बचाना चाहिए और किस पीढ़ी के लिए बचाना है और नशा क्यों नहीं करना तथा अपने परिजन को नशा करते जल्दी कैसे पहचाने यह अगर सतत उन्हें बताते रहे तो वह अपने जीवन काल में पानी को भी बचाएंगे और नशे से भी बचे रहेंगे। यह सब जल मित्र नशा मित्र अभियान चलाने वाले डॉक्टर पी सी जैन ने आज महात्मा गांधी सेकेंडरी स्कूल, सुंदरवास में ईस हेतु विशेष चयनित विद्यार्थियों को अपने लैपटॉप से बताया। वर्ष भर हर माह यह अभियान चलता रहेगा जिसके अंतर्गत आज यह इस स्कूल में दूसरे मांह का कार्यक्रम आयोजित किया। आज विशेष कर रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग से जल बढ़ाना और फोर फिंगर टेस्ट से गुटका तंबाकू सुपारी के नशे का पता लगाना डॉक्टर पीसी जैन ने बताया। प्रभारी सोनू लोहार एवं इंदिरा कंवर ने संचालन किया एवं प्रधानाध्यापक लक्ष्मी भक्तानी में इसे बहुत उपयोगी प्रोग्राम बताया।