उदयपुर। झीलों की नगरी उदयपुर को अंतरराष्ट्रीय जलक्रीड़ा हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए एशियन एवं भारतीय कायाकिंग एवं कैनोईंग संघ के अध्यक्ष प्रशान्त कुशवाह के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल उदयपुर पहुंचा।

राजस्थान कायाकिंग एवं कैनोईंग संघ के चेयरमैन चन्द्रगुप्त सिंह चौहान ने बताया की प्रतिनिधिमंडल में कजाकिस्तान कायाकिंग एवं कैनोईंग संघ के सेक्रेटरी जनरल अदलेट कुसमानोव, एशियन कैनो कंफेडरेशन की चीफ एडवाइजर स्नेह निगम, मिस्टर ऐडर सहित एशियाई एवं भारतीय कायाकिंग-कैनोईंग क्षेत्र के वरिष्ठ पदाधिकारी और विशेषज्ञ शामिल रहे।

उदयपुर एयरपोर्ट पर संघ के पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों का पारंपरिक राजस्थानी अंदाज में भव्य स्वागत किया।अध्यक्ष भगवान स्वरूप वैष्णव ने बताया कि यह दौरा केवल औपचारिक नहीं बल्कि उदयपुर को एशिया के प्रमुख जलक्रीड़ा केंद्र के रूप में विकसित करने की रणनीति का हिस्सा है।

प्रतिनिधिमंडल ने फतेहसागर झील स्थित कायाकिंग प्रशिक्षण केंद्र का दौरा कर वहां की प्राकृतिक एवं तकनीकी परिस्थितियों का अवलोकन किया।फतेहसागर झील से अभिभूत हुए अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञएशियन एवं भारतीय कायाकिंग-कैनोईंग संघ के अध्यक्ष प्रशान्त कुशवाह ने फतेहसागर झील का निरीक्षण करने के बाद कहा कि उन्होंने विश्व के अनेक देशों में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लिया है और विभिन्न खेल स्थलों का मूल्यांकन किया है, लेकिन फतेहसागर झील जैसी प्राकृतिक सुंदरता एवं प्रतियोगिताओं के लिए इतनी उपयुक्त जल संरचना कहीं देखने को नहीं मिली।

कजकिस्तान संघ के सेक्रेटरी जनरल ने कहा कि फतेहसागर झील प्रकृति का अनमोल उपहार है। यदि राजस्थान सरकार एवं स्थानीय प्रशासन समन्वित प्रयास करें तो निकट भविष्य में यहां एशियाई तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर की कैनो स्प्रिंट प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन संभव है।

इससे उदयपुर वैश्विक जलक्रीड़ा मानचित्र पर एक नई पहचान स्थापित करेगा।राजस्थान कायाकिंग एवं कैनोईंग संघ का पंजीकरण अब भी लंबित, खिलाड़ी हो रहे प्रभावितराजस्थान कायाकिंग एवं कैनोईंग संघ के सचिव दिलीप सिंह चौहान ने बताया कि उदयपुर के कई खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

हाल ही में हर्षवर्धन शक्तावत का चयन जापान में आयोजित होने वाली एशियाई प्रतियोगिता के लिए हुआ है, जो प्रदेश के लिए गर्व की बात है। इसके बावजूद संघ का पंजीकरण आज तक राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद में नहीं हो सका है।

संघ द्वारा कई बार प्रस्ताव एवं प्रार्थना पत्र भेजने के बावजूद प्रक्रिया लंबित है। पंजीकरण नहीं होने से खिलाड़ियों को राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपने खर्च पर भाग लेना पड़ता है तथा खेल संसाधनों की भी कमी बनी हुई है।

श्री चौहान ने कहा कि वर्तमान में सभी खेल संघों के लिए राज्य क्रीड़ा परिषद में पंजीकरण अनिवार्य है। ऐसे में लगातार प्रयासों के बावजूद पंजीकरण नहीं हो पाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने राज्य सरकार एवं क्रीड़ा परिषद से खिलाड़ियों के हित में शीघ्र पंजीकरण की मांग की है, ताकि उन्हें बेहतर सुविधाएं, आर्थिक सहयोग और अधिक अवसर प्राप्त हो सकें।ड्रैगन बोट लीग और एशियाई प्रतियोगिताओं के आयोजन पर चर्चासंघ के सचिव दिलीप सिंह चौहान ने बताया कि एयरपोर्ट स्वागत के बाद प्रतिनिधिमंडल को चिकलवास स्थित द बिलेठा बाग में ठहराया गया, जहां भारतीय ड्रैगन बोट चेयरमैन दिलीप सिंह चौहान और एशियन कैनो फेडरेशन के अध्यक्ष प्रशान्त कुशवाह के बीच महत्वपूर्ण चर्चा हुई।

बैठक में भविष्य में उदयपुर में आई पी एल की तर्ज पर उदयपुर मे भारतीय ड्रैगन बोट लीग आयोजित किया जायेगा साथ ही 2027 मे एशियाई स्तर की कायाकिंग एवं कैनोईंग प्रतियोगिताओं के आयोजन का प्रस्ताव भी रखा गया।’भारत-कजाकिस्तान के खिलाड़ियों के बीच होगा खेल आदान-प्रदान’बैठक के दौरान भारतीय ड्रैगन बोट चेयरमैन दिलीप सिंह चौहान, कजाकिस्तान के महासचिव अदलेट कुसमानोव एवं एशियन कायाकिंग एवं कैनोईंग संघ के अध्यक्ष प्रशान्त कुशवाह के बीच इस खेल के विकास को लेकर महत्वपूर्ण सहमति बनी और तय किया गया कि भविष्य में कजाकिस्तान के खिलाड़ी प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिताओं के लिए उदयपुर आएंगे तथा भारतीय (उदयपुर) खिलाड़ियों को भी कजाकिस्तान भेजा जाएगा, जिससे तकनीकी ज्ञान और खेल अनुभव का आदान-प्रदान हो सके।’कजाकिस्तान प्रतिनिधिमंडल ने सराही उदयपुर की मेहमाननवाजी’कजाकिस्तान कायाकिंग एवं कैनोईंग संघ के महासचिव अदलेट कुसमानोव व अन्य सदस्यों ने उदयपुर की मेहमाननवाजी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने उदयपुर और इसकी झीलों के बारे में बहुत सुना था, लेकिन यहां आकर इसकी प्राकृतिक भव्यता को करीब से देखने का अवसर मिला।

उन्होंने कहा कि उदयपुर अंतरराष्ट्रीय जलक्रीड़ा प्रतियोगिताओं के लिए आदर्श स्थल के रूप में उभर सकता है।’खेल पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया आयाम’संघ के ड्रैगन बोट चेयरमैन अजय अग्रवाल ने कहा कि राजस्थान कायाकिंग एवं कैनोईंग संघ उदयपुर में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने बताया कि उदयपुर में पूर्व में खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के तहत कायाकिंग एवं कैनोईंग प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन हो चुका है तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने फतेहसागर झील को विश्वस्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए उपयुक्त माना है।संघ के कैनो स्प्रिंट चेयरमैन दीपक गुप्ता ने बताया कि आगामी दिनों में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल उदयपुर की विभिन्न झीलों का विस्तृत तकनीकी एवं भौगोलिक अध्ययन करेगा।

वहीं कैनो स्लालम चेयरमैन तुषार मेहता ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी आवश्यक मानक पूरे होने पर भविष्य में उदयपुर नियमित रूप से अंतरराष्ट्रीय कायाकिंग एवं कैनोईंग प्रतियोगिताओं की मेजबानी करेगा।

उन्होंने कहा कि इससे न केवल खिलाड़ियों को वैश्विक मंच मिलेगा, बल्कि पर्यटन, रोजगार, निवेश और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।

प्रतिनिधिमंडल ने सिटी पैलेस का भी भ्रमण किया।उदयपुर एयरपोर्ट पर आयोजित स्वागत समारोह में चन्द्रगुप्त सिंह चौहान, भगवान स्वरूप वैष्णव, दिलीप सिंह चौहान, महेश पिंपलकर, दीपक गुप्ता, कमलेश हाथी, नवल सिंह चूंडावत, भूपेन्द्र सिंह चौहान, रणवीर सिंह राणावत सहित अनेक पदाधिकारी, खेल विशेषज्ञ और खेल प्रेमी उपस्थित रहे।