उदयपुर। पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के कान,नाक एवं गला रोग (ईएनटी) विभाग की ओर से ‘यूस्टेशियन ट्यूब बैलून डाइलेशन’ विषय पर एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य कान से जुड़ी गंभीर समस्याओं के आधुनिक उपचार और नई चिकित्सा तकनीकों से डॉक्टरों तथा मेडिकल छात्रों को अवगत कराना रहा।

कान,नाक एवं गला रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ.ऋचा गुप्ता एवं प्रोफेसर डॉ.एस.एस.कौशिक के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यशाला में विषय विशेषज्ञों ने आधुनिक ईएनटी सर्जरी के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए विस्तार से बताया।

कान,नाक एवं गला रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ.ऋचा गुप्ता ने बताया कि कार्यशाला के मुख्य वक्ता आरएनटी मेडिकल कॉलेज, उदयपुर के ईएनटी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ.नवनीत माथुर एवं पीएमसीएच के प्रोफेसर डॉ.एस.एस.कौशिक ने प्रतिभागियों को ‘यूस्टेशियन ट्यूब डाइलेशन’ की संपूर्ण सर्जिकल प्रक्रिया का लाइव प्रदर्शन करके दिखाया।

साथ ही कार्यशाला में मौजूद पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों और फैकल्टी सदस्यों को डमी/मॉडल पर हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग का अवसर मिला, जिससे उन्होंने इस जटिल प्रक्रिया की बारीकियों को व्यावहारिक रूप से सीखा।

इस अवसर पर प्रोफेसर डॉ.एस.एस.कौशिक ने बताया कि यूस्टेशियन ट्यूब डिस्फंक्शन(ईटीडी) के कारण मरीजों में कान बंद होना, भारीपन, दर्द, सुनने में कठिनाई और बार-बार कान में संक्रमण जैसी समस्याएं पैदा होती हैं। बैलून डाइलेशन एक आधुनिक और मिनिमली इनवेसिव तकनीक है, जिसके जरिए संकुचित या बंद यूस्टेशियन ट्यूब को बैलून की मदद से फैलाकर ठीक किया जाता है। इससे मरीजों को पुरानी और जटिल समस्याओं से त्वरित व स्थायी राहत मिलती है।

कार्यशाला में 80 से अधिक ईएनटी विशेषज्ञों, फैकल्टी सदस्यों एवं स्नातकोत्तर (पीजी) विद्यार्थियों ने भाग लिया।

इस कार्यशाला के सफल आयोजन पर पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल (पीएमसीएच) के चेयरमैन राहुल अग्रवाल, प्रेसिडेंट एम.एम. मंगल तथा डीन डॉ. यू.एस. परिहार ने ईएनटी विभाग को बधाई देते हुए अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं और कहा कि इस तरह के व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र न केवल हमारे चिकित्सकों और विद्यार्थियों के कौशल को निखारते हैं, बल्कि क्षेत्र के मरीजों को आधुनिक और विश्वस्तरीय चिकित्सा सेवाओं का लाभ दिलाने में भी बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।