बांसवाड़ा। गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय, बांसवाड़ा एवं विश्व संवाद केंद्र, उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाले साहित्य, संवाद एवं कला के उत्सव “माही टॉक फेस्ट 4.0 – एकात्म भारत” के पोस्टर का विधिवत विमोचन विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. केशव सिंह ठाकुर द्वारा किया गया। प्रो. ठाकुर ने पोस्टर विमोचन करते हुए इसे अब तक का अनूठा आयोजन बताया और कहा कि यह आयोजन विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और वागड़ अंचल के युवाओं के लिए उपयोगी साबित होगा।
*युवा संवाद व सृजन का उत्सव:*
कुलगुरु प्रो. केशव सिंह ठाकुर ने इस अवसर पर कहा कि माही टॉक फेस्ट क्षेत्र की सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं बौद्धिक विरासत को राष्ट्रीय पटल पर स्थापित करने का सशक्त माध्यम बनेगा और युवाओं को संवाद व सृजन से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय महोत्सव 23 से 25 जनवरी 2026 तक विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित किया जाएगा। पोस्टर विमोचन अवसर पर माही टॉक फेस्ट की कोर कमेटी के सदस्य डॉ. सुनील खटीक एवं श्रीमती रूचि श्रीमाली उपस्थित रहे। इस अवसर पर आशीष उपाध्याय, रणधीर व्यास एवं देवांश गोस्वामी भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की ओर से उप कुलसचिव प्रो. राजेश जोशी, अकादमिक प्रभारी प्रो. शफकत राणा, परीक्षा नियंत्रक प्रो. प्रमोद वैष्णव, निदेशक शोध प्रो. नरेन्द्र पानेरी, सम्बद्धता प्रभारी डॉ. राकेश डामोर तथा सहायक कुलसचिव डॉ. लोकेन्द्र कुमार मौजूद रहे और इस आयोजन की सफलता के लिए सक्रिय सहभागिता को आश्वस्त किया।
*फेस्ट में होंगी विविध गतिविधियां:*
कोर कमेटी के डॉ. सुनील ने बताया कि माही टॉक फेस्ट 4.0 के अंतर्गत विविध प्रदर्शनियां, साहित्यिक चर्चा सत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
प्रदर्शनियों में राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (एनबीटी) एवं अन्य प्रकाशकों द्वारा पुस्तक प्रदर्शनी, संविधान पर आधारित चित्र प्रदर्शनी, जनजातीय नायकों तथा विभाजन की विभीषिका पर केंद्रित प्रदर्शनियां शामिल हैं।
साहित्यिक चर्चा सत्रों में लोक साहित्य में एकात्म, आकाशवाणी व साहित्य, आनंद मठ – वंदे मातरम् के 150 वर्ष तथा राष्ट्र साधना की शताब्दी जैसे विषयों पर विमर्श होगा।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में वीरबाला काली बाई पर कठपुतली प्रदर्शन, मीरा बाई पर म्यूजिकल स्टोरी, रानी अबक्का पर नाट्य मंचन, बावरी साधना का मंचन एवं मल्लखंभ का प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
इसके अतिरिक्त रिल्स मेकिंग (नागरिक शिष्टाचार), कहानी कथन (वागड़ में आध्यात्मिक धारा) एवं ड्राइंग प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा।
महोत्सव में नेशनल बुक ट्रस्ट सहित देशभर के प्रतिष्ठित प्रकाशनों की पुस्तकों की उपलब्धता रहेगी। सहभागिता एवं स्वयंसेवी पंजीकरण हेतु पोस्टर पर दिए गए क्यूआर कोड के माध्यम से पंजीकरण किया जा सकता है।