उदयपुर,  वर्षा के मौसम में प्रचुर मात्रा में हरी घास उपलब्ध होने के कारण अधिकांश पशु इन दोनों पूर्ण रूप से हरा चारा ही आहार के रूप में ग्रहण करते हैं।अत्यधिक मात्रा में हरा चारा खाने से पशुओं में आफरा रोग होने की संभावना रहती है। इस आफरे रोग का समय पर उपचार नहीं करवाने पर यह जानलेवा भी हो सकती है यह जानकारी पशुपालन प्रशिक्षण संस्थान के उपनिदेशक डॉ सुरेंद्र छंगाणी ने दी। डॉ छंगाणी ने बताया कि प्रचुर मात्रा में हरा चारा सड़ा गला आहार दलहनी फसल अत्यधिक मात्रा में पिसा हुआ अनाज खाने से पशुओं में आफरा रोग हो जाता है ।डॉ छंगाणी ने बताया कि पशुओं में इस रोग से बचाने के लिए उन्हें हरे चारे के साथ साथ सूखा चारा भी अवश्य खिलाना चाहिए।वर्षा के मौसम में पशुपालकों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए की हरे चारे के साथ खरपतवार या कोई विषैला पौधा भी पशुओं के खाने में ना आ जाए ।
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