राजस्थान भूजल संरक्षण एवं प्रबंधन प्राधिकरण विधेयक 2024 पारित हो चुका है। इसके अंतर्गत बोरवेल या ट्यूबवेल की खुदाई से पहले अनुमति लेना अनिवार्य होगा, अन्यथा जुर्माना या सजा का प्रावधान है।
परंतु अभी जो ट्यूबवेल या बोरवेल है उनसे अनियंत्रित गति से जल दोहन हो रहा है। वर्षा जल संरक्षण ,रेनवाटर हार्वेस्टिंग से  जल दान करने वाले  नगण्य है।हमने इतनी प्रचुर वर्षा यों ही नालियों में बहा दी ,अगर घर घर में वर्षा जल संरक्षण होता तो शायद ही गली गली में इतना पानी भरता ? ऐसे में हर ट्यूबवेल या हैंडपंप के साथ वर्षा जल संरक्षण अनिवार्य हो तभी प्रदेश का जल संकट नियंत्रित हो सकेगा।