उदयपुर। झीलों की नगरी उदयपुर एक बार फिर विजयादशमी की उमंग में रंगने को तैयार है। गुरुवार, 2 अक्टूबर 2025 को होने जा रहा यह पर्व केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि सामाजिक एकजुटता और धार्मिक आस्था का संगम बनेगा। इस बार का आयोजन विशेष है क्योंकि यह 77वां विजयादशमी महोत्सव है, जिसे श्री सनातन धर्म सेवा समिति और श्री बिलोचिस्तान पंचायत मिलकर भव्यता प्रदान करेंगे।

 

गांधी ग्राउंड में पुतलों का खड़ा होना बना आकर्षण

 

बुधवार  को गांधी ग्राउंड का नज़ारा अलग ही था। ठीक शाम 6.30 बजे के मुहूर्त पर रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के विशाल पुतले क्रेन की मदद से खड़े किए गए। जैसे ही पुतले अपनी पूरी ऊँचाई पर पहुंचे, मैदान जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा। बड़ी संख्या में मौजूद लोग और समिति पदाधिकारी इस पल के गवाह बने।

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शोभायात्रा – परंपरा और संस्कृति का जीवंत प्रदर्शन

 

आयोजन समिति के सहसंयोजक मनीष डेम्बला ने बताया कि महोत्सव की शुरुआत एक विशाल शोभायात्रा से होगी। इसमें भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की अलौकिक झांकियाँ विशेष आकर्षण रहेंगी।

ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की ताल पर निकलने वाली यह यात्रा शहर की सड़कों से गुजरते हुए उत्साह और आस्था का माहौल बनाएगी। शोभायात्रा के बाद स्थानीय कलाकार धर्म और संस्कृति से जुड़ी सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ पेश करेंगे।

 

रावण दहन – आधुनिक आतिशबाज़ी और 70 फीट का रोमांच

 

पंचायत उपाध्यक्ष मनोज कटारिया ने जानकारी दी कि इस बार तैयार किया गया 70 फीट ऊँचा रावण पुतला अपने आप में खास होगा। लगभग 100 फीट लंबी बांस की टहनियों से बनाए इस पुतले को आधुनिक आतिशबाज़ी और लाइटिंग इफेक्ट्स से सजाया गया है।

रावण दहन के दौरान आतिशबाज़ी का नज़ारा आसमान को रोशन करेगा और पूरा गांधी ग्राउंड रोमांचक माहौल में डूब जाएगा।

 

नगर निगम और प्रशासन ने बढ़ाया हाथ

 

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में नगर निगम उदयपुर और प्रशासन की बड़ी भूमिका रही है।

 

रावण पुतले को सुरक्षित रूप से स्थल तक पहुँचाने के लिए विशेष गाड़ियों की व्यवस्था नगर निगम ने की।

 

संपूर्ण आतिशबाज़ी  नगर निगम द्वारा होगी।

 

वहीं, जिला प्रशासन ने यातायात, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए पूरी व्यवस्था की है।

 

 

अतिथियों की उपस्थिति से बढ़ेगा गौरव

 

इस महोत्सव में कई गणमान्य अतिथि और जनप्रतिनिधि शिरकत करेंगे। इनमें –

 

 

श्रीमान मन्नालाल जी रावत (सांसद, उदयपुर लोकसभा)

 

श्रीमान चुन्नीलाल जी गरासिया (सांसद, राज्यसभा)

 

श्रीमान ताराचंद जी जैन (विधायक, उदयपुर शहर)

 

श्री फूल सिंह जी मीणा (उदयपुर ग्रामीण विधायक )

श्री रघुवीर सिंह मीणा (पूर्व सांसद उदयपुर) 

 

 

श्रीमान गजपाल सिंह जी राठौड़ (जिलाध्यक्ष, भाजपा, उदयपुर)

 

श्रीमान फतहसिंह जी राठौड़ (जिलाध्यक्ष, कांग्रेस, उदयपुर)

 

श्रीमान प्रमोद जी सामर (प्रदेश संयोजक, सहकारी प्रकोष्ठ)

 

इसके साथ ही कई समाजसेवी, धार्मिक संत और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे।

 

समाजों की झांकियाँ – शोभायात्रा का रंगारंग पहलू

 

पंचायत अध्यक्ष नानकराम कस्तूरी और महासचिव विजय आहुजा ने बताया कि इस बार की शोभायात्रा में विभिन्न समाजों व संस्थाओं की झांकियाँ विशेष आकर्षण रहेंगी –

 

मेवाड़ पालीवाल समाज – 4 झांकियाँ

 

आश्रय समाज – 2 झांकियाँ

 

विप्र फाउंडेशन

 

मेवाड़ मुश्तेचे क्लब

 

इस्कॉन व हरे कृष्णा मूवमेंट

 

भोपालपुरा युवा संगठन

 

मेवाड़ सिंधु ब्रिगेड

 

श्री सनातन धर्म सेवा समिति

 

मैक्स टॉर्क सुपरबाइक्स ग्रुप

 

महाकालेश्वर मंदिर ट्रस्ट

 

 

इनकी भागीदारी से शोभायात्रा और भी भव्य और जीवंत बन जाएगी।

 

 

तैयारियों में कोई कमी नहीं – जनता की सुविधा पर जोर

 

समिति के अनुसार:

 

दर्शकों के लिए पार्किंग की विशेष व्यवस्था की गई है।

 

 युवाओं की टीमें प्रबंधन और सेवा कार्यों में जुटी हैं।

 

भीड़भाड़ को देखते हुए गांधी ग्राउंड के बाहर एलईडी स्क्रीन लगाई जाएगी, ताकि सभी लोग आराम से रावण दहन देख सकें।

 

 

समिति की अपील – राम के आदर्शों को जीवन में उतारें

 

आयोजन समिति ने उदयपुरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है। समिति नरेंद्र क्थूरिया का कहना है –

"विजयादशमी केवल रावण दहन का पर्व नहीं, बल्कि यह अच्छाई की बुराई पर विजय और सत्य की असत्य पर जीत का संदेश है। हमें श्रीराम के आदर्शों को अपनाकर समाज में भाईचारे और एकता को और मजबूत करना चाहिए।"

 

              इस  कार्य में जितेंद्र तलरेजा,विजय आहुजा,विजय कस्तूरी,हरीश भाटिया ,बलदेव तलदार,प्रकाश बुधराज, कमल तलरेजा ,सुभाष कंधारी ,दीपक कालरा ,ललित, प्रदीप माधवानी, नानक लूंज,होलाराम छोड़ा हनी तलरेजा आदि देर रात सेवा  में लगे हुए रहे।