उदयपुर। शहर के वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट, डॉ. निर्मल कुनावत का कहना है कि राजस्थान विधानसभा में प्रस्तुत वर्ष 2026-27 का बजट, जिसका कुल आकार लगभग 21.52 लाख करोड़ रूपयें है जो राज्य की आर्थिक संरचना को मजबूत करने और दीर्घकालिक विकास को गति देने की दिशा में एक महत्वाकांक्षी दस्तावेज है। इसमें बुनियादी ढांचे, पेयजल, ऊर्जा, कृषि, शिक्षा और रोजगार जैसे क्षेत्रों में ठोस वित्तीय प्रावधान किए गए हैं, जिनका सकारात्मक प्रभाव उदयपुर सहित पूरे प्रदेश पर पड़ेगा।
पेयजल योजनाओं के लिए लगभग 6,800 करोड़ रूपयें का प्रावधान किया गया है, जिसके अंतर्गत हजारों गांवों में नल कनेक्शन विस्तार का लक्ष्य रखा गया है। उदयपुर जिला, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्र आते हैं, इस योजना से सीधे लाभान्वित हो सकता है। इसके अतिरिक्त बाढ़ रोकथाम और शहरी जल निकासी तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए विशेष बजटीय प्रावधान किए गए हैं, जिनमें उदयपुर का नाम भी शामिल है।
सड़क एवं कनेक्टिविटी के क्षेत्र में राज्यभर में लगभग 42,000 किलोमीटर सड़कों के विकास और उन्नयन की योजना घोषित की गई है। डॉ. कुणावत के अनुसार इसका लाभ उदयपुर को विशेष रूप से मिलेगा, क्योंकि बेहतर सड़क नेटवर्क से पर्यटन, होटल उद्योग, परिवहन और स्थानीय व्यापार को गति मिलेगी। उदयपुर का गुजरात, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और राजसमंद से संपर्क और अधिक सुदृढ़ होने की संभावना है। साथ ही सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए लगभग 3,000 करोड़ रूपयें के निवेश से हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा, जो दक्षिणी राजस्थान के लिए दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित कर सकता है।
शिक्षा के क्षेत्र में राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी की स्थापना को उन्होंने एक महत्वपूर्ण सुधार बताया। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित होगा, जिसका लाभ उदयपुर सहित पूरे प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों को मिलेगा। युवाओं के लिए 10 लाख रूपयें तक के ब्याज-मुक्त ऋण की घोषणा स्वरोजगार और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में सकारात्मक कदम है। स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, सरकारी अस्पतालों के उन्नयन और मेडिकल कॉलेजों में संसाधन वृद्धि से उदयपुर के एमबी अस्पताल और संबंधित चिकित्सा संस्थानों को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
डॉ. कुनावत के अनुसार यह बजट पूंजीगत व्यय में वृद्धि, बुनियादी ढांचे के विस्तार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के माध्यम से संतुलित आर्थिक विकास का संकेत देता है। यदि घोषित योजनाओं का समयबद्ध और पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाता है, तो उदयपुर न केवल पर्यटन की दृष्टि से बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और शहरी प्रबंधन के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकता है।
Udaipur
बजट आर्थिक संरचना को मजबूत करने और दीर्घकालिक विकास को गति देने की दिशा में एक महत्वाकांक्षी दस्तावेजः डाॅ. निर्मल कुणावत
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