उदयपुर | लोकजन सेवा संस्थान एवं जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ की ओर से 142वीं महाराणा भूपाल जयंती सम्मान समारोह  श्रमजीवी महाविद्यालय के नवीन सभागार में प्रोफेसर उमाशंकर (पूर्व कुलपति एमपीयूएटी) की अध्यक्षता में आयोजित हुआ | मुख्य अतिथि  विकलांग सेवा राष्ट्रपति सम्मान प्राप्त श्याम सुन्दर मंत्री ने भारतीय संस्कारों में हो रहे पतन पर गहन चिंता व्यक्त करते हुए वर्तमान परिस्थिति को बदलने के प्रभावी उपाय सुझाये | पूर्व राज मंत्री जगदीश राज श्रीमाली ने मुख्य वक्ता के रूप में परमेष्टी शासन प्रणाली को अजेय साम्राज्य का मूल तत्व बताते हुए मेवाड़ के शौर्य का वर्णन किया | विशिष्ट अतिथि जस्टिस एस एस परिहार ने अपने मेवाड़ से प्रघाड़ एवं आत्मीय सम्बन्ध का वर्णन करते हुए कहा कि इसी अदृश्य गठजोड़ के कारण आज 83 वर्ष की आयु में भी वे 2000 किलोमीटर की यात्रा कर आज यहाँ है |

अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए डॉ उमा शंकर शर्मा ने महाराणा भूपाल सिंह के शासनकाल का विस्तृत ब्यौरा दिया|
संस्थान अध्यक्ष प्रो विमल शर्मा ने बताया की ईश वंदना से प्रारम्भ हुए कार्यक्रम में डॉ जय राज आचार्य ने स्वागत उद्बोधन दिया, प्रो मिश्री लाल मांडोत ने अतिथि परिचय दिया, महासचिव जय किशन चौबे ने संस्थान परिचय दिया, विशिष्ट अतिथि प्रो हेमंत कोठारी एवं ऐड राव रतन सिंह ने भी सभा को सम्भोदित किया | संचालन प्रमिला शरद व्यास एवं डॉ कुल शेखर व्यास ने किया | आभार डॉ विमल शर्मा द्वारा ज्ञापित किया गया | राष्ट्रगान से कार्यक्रम समाप्ति पश्चात स्नेह भोज हुआ |