उदयपुर। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 27 अक्टूबर 2025 को घोषित विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम 2026 के तहत उदयपुर जिले की मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन शनिवार को कर दिया गया। प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन गत 16 दिसंबर को किया गया था, जिसमें जिले में कुल 17 लाख 66 हजार 592 मतदाता दर्ज थे। जो विभिन्न आपत्तियों एवं दावों के निस्तारण के बाद बढ़कर 18 लाख 4 हजार 151 हो गए है।

जिला निर्वाचन अधिकारी नमित मेहता ने शनिवार को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार गत 4 नवंबर से 11 दिसंबर तक गणना चरण पूरा किया गया। 16 दिसंबर को मतदाता सूचियों का प्रारूप प्रकाशित किया गया। 16 दिसंबर से 15 जनवरी की अवधि में दावे और आपत्तियां प्राप्त की गईं। उदयपुर जिले में कुल 41 हजार 295 फॉर्म-6/6ए (नाम जोड़ने हेतु), 3 हजार 736 फॉर्म-7 (नाम विलोपन हेतु) तथा 8 हजार 367 फॉर्म-8 (संशोधन हेतु) प्राप्त हुए। प्राप्त आवेदनों की सूचियां फॉर्म-9, 10, 11, 11ए एवं 11बी में तैयार कर प्रतिदिन कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित की गईं तथा मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को भी साझा की गईं। यह सूचनाएं जिला निर्वाचन अधिकारी एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर भी ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई।

16 दिसंबर 2025 से 19 जनवरी 2026 तक प्राप्त सभी दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा किया गया। इसके उपरांत जिले की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की गई।
अंतिम प्रकाशन के अनुसार उदयपुर जिले में कुल मतदाताओं की संख्या 18 लाख 4 हजार , 151 हो गई है, जो कि प्रारूप सूची की तुलना में 2.13 प्रतिशत अधिक है। इनमें 9 लाख 29 हजार 962 पुरुष, 8 लाख 74 हजार 172 महिला तथा 17 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं।

जिला निर्वाचन अधिकारी मेहता ने बताया कि शनिवार को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की अंतिम मतदाता सूची की एक सॉफ्ट कॉपी (फोटो सहित) एवं एक हार्ड कॉपी निःशुल्क उपलब्ध कराई गई है। मतदाता सूची जिला निर्वाचन अधिकारी एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राजस्थान की आधिकारिक वेबसाइट https:@@election.rajasthan.gov.in   तथा https:@@voters.eci.gov.in   पर ऑनलाइन उपलब्ध है। मतदाता अपने नाम की जांच ऑनलाइन ईपीआईसी सर्च के माध्यम से भी कर सकते हैं।

श्री मेहता ने बताया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन की प्रक्रिया सतत जारी रहेगी। इसके लिए फॉर्म-6, 7 एवं 8 ऑनलाइन Voters Portal  या संबंधित बीएलओ के माध्यम से भरे जा सकते हैं। किसी प्रविष्टि के संबंध में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के निर्णय के विरुद्ध अपील का प्रावधान भी लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 एवं निर्वाचन पंजीकरण नियम, 1960 के अंतर्गत निर्धारित अवधि में किया जा सकता है। बैठक में भारतीय जनता पार्टी के दीपक शर्मा, शान्तिलाल जैन, मनीष शर्मा, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के फतहसिंह राठौड़, अरूण टांक, महेन्द्र डामोर, डॉ. संजीव राजपुरोहित, आम आदमी पार्टी के मो. हनीफ व निर्भय सिंह, बसपा के सुरेश कुमार मेघवाल, भारत आदिवासी पार्टी के विमल खराड़ी और कम्युनिस्ट पार्टी के हिम्मत चांगवाल उपस्थित रहे। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के पश्चात जिला निर्वाचन अधिकारी ने प्रिन्ट एवं इलेक्ट्रोनिक मीडिया के साथ एसआईआर की पूरी जानकारी साझा की। उनके साथ उदयपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अवुला साईकृष्ण भी उपस्थित रहे।