उदयपुर |  विज्ञान समिति अंतर्गत वरिष्ठ महिला प्रकोष्ठ द्वारा दो दिवसीय जवाई सफारी ट्रिप बहुत ही आस्थापूर्ण, रोचक और आनंदमय तरीके से संपन्न हुई।पहला दिन: धार्मिक यात्रा में सेमटाल पुष्कर मुनि धाम में सभी ने गुरुदेव के दर्शन किए और स्वादिष्ट नाश्ते का आनंद उठाया। उसके बाद बामनवाड़ा जी का अंबा माता मंदिर, अभिनव महावीर मंदिर (सुमेरपुर) एवं श्री रतना महावीर जी के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। अभिनव महावीर जी में महावीर स्वामी के जन्म से लेकर मोक्ष प्राप्ति तक की आर्ट गैलरी ने सभी को भगवान महावीर के जीवन की उपयोगी जानकारी दी। साथ ही, आत्मा का मोक्ष प्रस्थान दिखाने वाला लाइव टेलीकास्ट अत्यंत सराहनीय रहा। रात्रि विश्राम रतना महावीर जी में हुआ, जहाँ आरती और भजन संध्या का लाभ उठाया गया। इसके बाद सभी बहनों ने सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया। इसने नृत्य, गीत और अन्य प्रस्तुतियों से माहौल को मनोरंजक बना दिया। इस कार्यक्रम में कंचन सोनी एवं कमलेश गर्ग द्वारा ज्ञानात्मक लिखित गेम, तथा मंजू  सरूपरिया एवं अलका बक्शी द्वारा हाउजी का आयोजन किया गया। सभी विजेताओं को पुष्पा जी ने पुरस्कार प्रदान किए। 
दूसरा दिन: प्रातः 5:00 बजे जवाई सेंचुरी में जीप सफारी के दौरान लेपर्ड और उसके नन्हे शावकों को देखना तथा उगते सूरज का सुंदर दृश्य अविस्मरणीय रहा। यात्रा में हाउजी, मेहंदी प्रतियोगिता और अन्य मनोरंजक गतिविधियों ने इसे और यादगार बना दिया। रणकपुर डैम का मनमोहक दृश्य भी देखने को मिला।पूरी ट्रिप की उत्कृष्ट व्यवस्था और आत्मीयता के लिए डॉ. पुष्पा कोठारी, कंचन सोनी, इंदिरा जैन, मंजू सरूपरिया एवं अन्य कोर ग्रुप सदस्यों का सहयोग सराहनीय रहा। मीडिया प्रभारी प्रोफेसर विमल शर्मा ने बताया की वरिष्ठ महिला प्रकोष्ठ की 35 सदस्यों ने हँसते-मुस्कुराते जवाई सफारी का आनंद लिया तथा दृश्यों को अपने कैमरों में कैद करने का प्रयास किया। रास्ते में घाणेराव सादड़ी में राजस्थानी भोजन का स्वाद लेते हुए रात्रि 10:00 बजे उदयपुर पहुँचे। इस यात्रा ने सिद्ध कर दिया—जब तक दिल में जोश और उमंग हो, उम्र का हर पड़ाव सुनहरा होता है!