उदयपुर |  राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर द्वारा दिनांक 18 मार्च 2026 को पारित आदेश में जिला शतरंज संघ उदयपुर से संबंधित दिनांक 30.12.2025 के तदर्थ समिति गठन आदेश पर स्थगन (Stay) प्रदान किया गया है।

उक्त आदेश के परिप्रेक्ष्य में आज जिला शतरंज संघ उदयपुर की कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की गई, जिसमें वर्तमान परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि खिलाड़ियों के हित को सर्वोपरि रखते हुए जिले में शतरंज गतिविधियों को पुनः प्रारम्भ किया जाए, ताकि खिलाड़ियों की तैयारी एवं प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण प्रभावित न हो।

विगत कुछ महीनों से उदयपुर में शतरंज खिलाड़ियों के लिए असमंजस की स्थिति बनी हुई थी, किन्तु वर्तमान परिस्थितियों में खिलाड़ियों के हित को ध्यान में रखते हुए नियमित प्रतियोगिताओं के आयोजन की दिशा में कार्य करने पर सहमति व्यक्त की गई।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आगामी राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं हेतु खिलाड़ियों के चयन की प्रक्रिया नियमानुसार सुनिश्चित की जाएगी, ताकि उदयपुर जिले के खिलाड़ी राज्य स्तर पर प्रभावी रूप से प्रतिनिधित्व कर सकें।

बैठक में आगामी दिनों में विभिन्न आयु वर्गों की प्रतियोगिताओं के आयोजन का निर्णय लिया गया, जिनमें अंडर-7, अंडर-9, अंडर-11, अंडर-13, अंडर-15, अंडर-17 तथा ओपन (सीनियर एवं जूनियर) वर्ग की जिला स्तरीय शतरंज प्रतियोगिताएं शामिल होंगी। साथ ही विद्यालय स्तर पर शतरंज प्रतियोगिताओं एवं ब्लिट्ज एवं रैपिड शतरंज प्रतियोगिताओं के आयोजन पर भी सहमति व्यक्त की गई।

कार्यकारिणी द्वारा यह भी निर्णय लिया गया कि सभी प्रतियोगिताओं का एक अस्थायी (Provisional) कैलेंडर शीघ्र ही जारी किया जाएगा, ताकि जिले के खिलाड़ी समय रहते अपनी तैयारी सुनिश्चित कर सकें।

बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि संघ द्वारा लिए गए सभी निर्णय माननीय उच्च न्यायालय में लंबित प्रकरण के अंतिम निर्णय के अधीन होंगे तथा संघ द्वारा केवल खिलाड़ियों के हित में नियमित गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है।

जिला शतरंज संघ उदयपुर द्वारा सभी खिलाड़ियों, अभिभावकों एवं शतरंज क्लबों से अनुरोध किया गया है कि वे आगामी प्रतियोगिताओं में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें एवं जिले में शतरंज खेल के विकास में सहयोग प्रदान करें।