उदयपुर, राज्य में असामयिक वर्षा हो रही है। इससे रबी की कटी हुई फसलों में नुकसान की व्यापक आशंका है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की परिचालन मार्गदर्शिका 2023 एवं विभागीय अधिसूचना के अनुरूप फसल कटाई उपरांत अधिकतम 14 दिन की अवधि में सूखने के लिये खेत में काटकर फैलाकर छोडी गई फसल को चक्रवात, चक्रवाती वर्षा, असामयिक वर्षा तथा ओलावृष्टि से व्यक्तिगत आधार पर हुए नुकसान के लिये फसल बीमा क्लेम आवरण उपलब्ध है। फसल बीमा क्लेम के प्रकरणों मे पोस्ट-हार्वेस्ट लॉसेस के सर्वे हेतु निर्धारित प्रक्रिया एवं समय सीमा का पालन किया जाना आवश्यक है।
संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार सुधीर कुमार वर्मा ने बताया कि प्रभावित बीमित फसल के कृषक को आपदा के 72 घंटे के अन्दर सीधे भारत सरकार द्वारा संचालित कृषि रक्षक पोर्टल एवं हेल्पलाइन 14447 पर अथवा क्रॉप इंश्योरेंस एप अथवा लिखित में अपने बैंक/कृषि विभाग के अधिकारियों के माध्यम से सूचित करना आवश्यक है। बैंक स्तर पर इस सम्बन्ध में सूचना प्राप्त होने पर बीमित फसल, बीमित क्षेत्र, प्रीमियम की कटौती की तिथि आदि का सत्यापन करते हुए बीमा कम्पनी को प्रकरण निर्धारित समय सीमा में अविलम्ब अग्रेषित करना होगा। वर्तमान में बीमित कृषको द्वारा पोस्ट-हार्वेस्ट लॉसेस के संबंध मे भारत सरकार द्वारा संचालित कृषि रक्षक पोर्टल एवं हेल्पलाइन 14447 पर अथवा क्रॉप इंश्योरेंस एप के माध्यम से इंटीमेशन किये जा रहे है, परन्तु कई बार कृषि रक्षक पोर्टल एवं हेल्पलाइन 14447 पर अथवा क्रॉप इंश्योरेंस एप के माध्यम से इंटीमेशन कृषको द्वारा तकनीकी खराबी की वजह से समयबद्ध सीमा मे दर्ज नही किया जाता है।
यदि तकनीकी खराबी की वजह से बीमित कृषको द्वारा पोस्ट-हार्वेस्ट लॉसेस के हानि के इंटीमेशन दर्ज नही हो पा रहे है। ऐसी परिस्थिति में सुविधानुसार निकटतम कृषि कार्यालय या जिस गांव या गांव के समूह में हानि हुई है, वहा पर नियत अवधि में कैंप लगाकर पात्र बीमित कृषकों से इंटीमेशन निर्धारित प्रारूप में प्राप्त कर संबंधित बीमा कंपनी को उसी दिन सुपुर्द कर सूची पर प्राप्ति रसीद प्राप्त कर रिकार्ड में संधारित करे।
फसल कटाई उपरान्त के जोखिमों के अंतर्गत फसलों की क्षति के आंकलन हेतु बीमा कम्पनी को भारत सरकार द्वारा निर्धारित की गयी योग्यता व अनुभव के सर्वेयर की नियुक्ति आपदा की सूचना प्राप्त होने के 48 घण्टे के अन्दर सुनिश्चित करनी होगी। सर्वेयर की अर्हता का निर्धारण योजना की परिचालन मार्गदर्शिका 2023 (खरीफ 2023 से लागू) के बिन्दु संख्या 21.6.8.1 के अनुसार होगा। सर्वेयर द्वारा क्षति का आंकलन 10 दिन के अन्दर पूर्ण किया जायेगा। सर्वेयर द्वारा क्षति का आंकलन सम्बन्धित कृषक व स्थानीय कृषि विभाग के अधिकारी/कर्मचारी के साथ संयुक्त रूप से किया जायेगा।
यह भी सूचित किया जाता है कि यदि अधिसूचित इकाई क्षेत्र में फसल के कुल बीमित क्षेत्र के 25 प्रतिशत से अधिक की क्षति की सूचना प्राप्त होती है, तो अधिसूचित इकाई के वे कृषक जिन्होने अपनी फसल का बीमा कराया है तथा कृषक, जिनके द्वारा बीमा कम्पनी को निर्धारित समयावधि में पोस्ट-हार्वेस्ट हानि का इंटीमेशन किया गया है, को सेंपल सर्वे के आधार पर क्षतिपूर्ति देय होगी। ऐसी स्थिति में सर्वेयर द्वारा सम्बन्धित कृषकों व स्थानीय कृषि विभाग के अधिकारी/कर्मचारी की संयुक्त समिति के द्वारा सीमित क्षेत्र में कराये गये सर्वेक्षण के आधार पर फसल की क्षति का प्रतिशत निर्धारित किया जायेगा।
Udaipur
72 घंटे में दें फसलों में नुकसान की सूचना
असामयिक वर्षा से खराबे की सूचना के लिए कृषि विभाग ने जारी की गाइड लाइन
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