उदयपुर। हरे-भरे वृक्षों, शीतल समीर और पक्षियों के मधुर कलरव से सजे प्राकृतिक वातावरण में गुरुवार प्रातः जोगी तालाब की पाल, तितरड़ी (गिर्वा-उदयपुर) योगमय हो उठी। प्रकृति की अनुपम छटा के बीच आयुष विभाग एवं उपखंड प्रशासन गिर्वा के संयुक्त तत्वावधान में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में गुरूवार को ब्लॉक स्तरीय योग प्रोटोकॉल पूर्वाभ्यास कार्यक्रम का सफल आयोजन हुआ। तालाब के शांत जल, हरियाली और स्वच्छ वातावरण ने योग साधना को और अधिक प्रभावशाली एवं ऊर्जा से भरपूर बना दिया।
आयुर्वेद विभाग, गिर्वा के ब्लॉक योग नोडल अधिकारी डाॅ. दिलीप सामलिया ने बताया कि “योग भारत की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है, जो शरीर, मन एवं आत्मा के समग्र विकास का माध्यम है। प्राकृतिक वातावरण में किया गया योग व्यक्ति को प्रकृति से जोड़ते हुए आंतरिक शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।” कार्यक्रम में उपस्थित विकास अधिकारी (बीडीओ) अजीत कुमार मीणा ने कहा कि नियमित योगाभ्यास न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाता है, बल्कि मानसिक शांति, सकारात्मक सोच एवं संतुलित जीवनशैली को भी बढ़ावा देता है। उन्होंने सभी नागरिकों से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। योग सत्र का संचालन अनुभवी योग प्रशिक्षकों प्रीतम सिंह चुंडावत, अंकिता वसीटा, नीलू गोस्वामी एवं रोशन रटाड़िया द्वारा किया गया।
Udaipur
प्रकृति की गोद में प्रकृति के संग योगाभ्यास
जोगी तालाब की मनोरम पाल पर हुआ ब्लॉक स्तरीय योग पूर्वाभ्यास
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