उदयपुर।रवींद्रनाथ टैगोर मेडिकल कॉलेज, उदयपुर और महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय, उदयपुर की एक महत्वाकांक्षी पहल- सेतु (एसईटीयू) ने शुक्रवार को अपनी स्थापना के दो सफल वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। दो वर्ष पूर्व आज ही के दिन शुरू की गई इस प्रणाली ने राजस्थान के स्वास्थ्य ढांचे में एक नई क्रांति का सूत्रपात किया है।
आपातकालीन चिकित्सा में मील का पत्थर
सेतु का मुख्य उद्देश्य दूरदराज के परिधीय अस्पतालों से आने वाले मरीजों के लिए रेफरल प्रक्रिया को सरल और त्वरित बनाना है। पिछले दो वर्षों में, इस प्रणाली के माध्यम से विभिन्न छोटे अस्पतालों से 3,800 से अधिक मरीजों को एम.बी. अस्पताल की आपातकालीन सेवा में बिना किसी विलंब के शिफ्ट किया गया है, जिससे अनगिनत जीवन बचाए जा सके हैं।
सरकारी मान्यता और ‘राजस्थान इंटीग्रेटेड ऐप’
इस प्रणाली की अभूतपूर्व सफलता को देखते हुए, राजस्थान सरकार ने इसे राज्य स्तर पर अपनाने का निर्णय लिया है। बजट 2026 में सरकार द्वारा इसे राजस्थान इंटीग्रेटेड ऐप के रूप में घोषित किया गया है, जो राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल रूप से एक सूत्र में पिरोने का कार्य करेगा।
हाल ही में अपने उदयपुर प्रवास के दौरान, मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने सेतु प्रणाली का निरीक्षण किया और इसकी कार्यप्रणाली की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने इसे राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की तत्काल आवश्यकता करार दिया है। इस डिजिटल क्रांति को और अधिक व्यापक बनाने के लिए, अब निजी क्षेत्र का सहयोग भी प्राप्त हो रहा है। हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड - वेदांता ग्रुप ने अपनी सीएसआर गतिविधि के अंतर्गत इस प्रणाली को पूरे राज्य के लिए एक ‘एंड-टू-एंड डिजिटल ऐप’ के रूप में विकसित करने में गहरी रुचि दिखाई है।
डॉ. राहुल जैन, प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक ने कहा कि सेतु की दो वर्ष की यात्रा यह सिद्ध करती है कि तकनीक और मानवीय सेवा का सही मेल कैसे जीवन रक्षक बन सकता है। अब राज्य सरकार और वेदांता ग्रुप के सहयोग से, हम इसे पूरे राजस्थान के लिए एक मॉडल के रूप में स्थापित करने हेतु तत्पर हैं। सेतु आज न केवल रेफरल का माध्यम है, बल्कि यह राजस्थान के उन नागरिकों के लिए आशा की किरण बन गया है, जिन्हें समय पर विशेषज्ञ चिकित्सा की आवश्यकता होती है।
Udaipur
सेतु (एसईटीयू) सुदूर अंचलों तक स्वास्थ्य सेवाओं का ‘सेतु’ बना, दो वर्षों की सफल यात्रा पूर्ण
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