उदयपुर। झीलों की नगरी उदयपुर में पहली बार 504 जोड़ों की सहभागिता के साथ भव्य पार्श्व-भैरव महापूजन का आयोजन किया जाएगा।
यह धार्मिक आयोजन रविवार, 30 अगस्त 2026, भाद्रवा वदी-2 को महावीर साधना एवं स्वाध्याय समिति, अंबामाता, उदयपुर में आयोजित होगा।मुख्य आयोजक हस्तीमल लोढा ने बताया की महापूजन का शुभारंभ प्रातः 9.09 बजे राजयोग में होगा।
आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं धर्मावलंबी शामिल होकर पार्श्व-भैरव भगवान की आराधना, पूजन एवं धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागी बनेंगे।
आयोजन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक साधना से जोड़ना और धर्म-आराधना के माध्यम से पुण्य अर्जित करने का अवसर प्रदान करना है।चिंतन लोढ़ा ने बताया की महापूजन के लिए प.पू. आ. श्री आनंदसागरसूरीश्वरजी म.सा. के समुदायवर्ती तथा प.पू. आ. श्री नयचंद्रसागरसूरीजी म.सा. के शिष्य मुनिराज श्री सुमतिचंद्रसागरजी म.सा. एवं मुनिराज श्री शीतलचंद्रसागरजी म.सा. की पुण्यप्रभावक प्रेरणा रहेगी।सुनील लूनावत ने बताया की आयोजन में मुख्य पीठिका, स्वर्ण पीठिका, रजत पीठिका एवं पीठिका नुकरे सहित विभिन्न धार्मिक व्यवस्थाएं निर्धारित की गई हैं।
पूजा की जोड़ध्साड़ी, भैरवजी की प्रतिमा, अष्टप्रकारी पूजा के उपकरण तथा अक्षत, नैवेद्य एवं फल आदि पूजा सामग्री की भी व्यवस्था रहेगी।उन्होंने बताया की आयोजन उवसग्गहरं आराधक परिवार, उदयपुर द्वारा किया जा रहा है, जबकि सकल जैन श्री संघ मेवाड़ निमंत्रक है।
संगीतकार दीपक करनपुरिया अपनी संगीतमयी प्रस्तुतिया देंगे।
आयोजकों ने समाजजनों एवं श्रद्धालुओं से अधिकाधिक संख्या में सहभागी बनकर महापूजन को सफल बनाने का आह्वान किया है।इस सन्दर्भ में आज आयोजित बैठक में मनोहर तलेसरा,गजेन्द्रसिंह,हितेष पोरवाल,डी.सी.जैन,राजेश नलवाया,जे.पी.बाबेल व पवन मेहता ने भाग लिया।