’उदयपुर | भारतीय लोक कला मंडल, उदयपुर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी की पूर्व संध्या के अवसर पर आज दिनांक 03 सितम्बर 2026 को सायं 04:30 बजे से संस्था के गोविंद कठपुतली प्रेक्षालय में भजन संध्या’’ का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में संस्था के कलाकारों ने भगवान श्री कृष्ण को समर्पित विभिन्न लोक भजनों एवं भक्तिमय गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियाँ देकर उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।कार्यक्रम की शुरुआत भक्तिमय वातावरण में श्री कृष्ण के लोक भजनों की प्रस्तुति से हुई।
कलाकारों ने यशोमती मैया से बोले नंदलाला, राधा क्यों गोरी मैं क्यों काला”, मीठे रस से भरियोड़ी राधा रानी लागे....., राधिका गौरी से बृज की छोरी से......,सांवरियां सेठ दे दे.....।
गोविन्द बोलो ही गोपाल बोलो....., बड़ा नटखट है कृष्ण कन्हैया”.......सहित अनेक लोकप्रिय लोक भजनों की सुमधुर प्रस्तुतियाँ दीं।
मधुर संगीत और भक्तिमय प्रस्तुतियों से पूरा प्रेक्षालय कृष्णमय हो गया।भजन संध्या में शहरवासी, कला एवं संस्कृति प्रेमी तथा दर्शक उपस्थित रहे। दर्शकों ने कलाकारों की प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लिया और कई अवसरों पर तालियों के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम के दौरान दर्शक भक्तिमय संगीत में भाव-विभोर नजर आए।भारतीय लोक कला मंडल के निदेशक ’’डॉ. लईक हुसैन’’ ने बताया कि संस्था द्वारा लोक कला, लोक संगीत एवं भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण, संवर्धन तथा प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
इसी उद्देश्य से श्री कृष्ण जन्माष्टमी की पूर्व संध्या के अवसर पर इस भजन संध्या का आयोजन किया गया, ताकि आमजन को भारतीय लोक संगीत एवं समृद्ध भक्ति परंपरा से जोड़ा जा सके।उन्होंने कहा कि भारतीय लोक परंपरा में भक्ति संगीत का विशेष स्थान है और लोक भजनों के माध्यम से हमारी सांस्कृतिक विरासत सहज रूप से नई पीढ़ी तक पहुंचती है।
भजन संध्या में प्रस्तुत लोक भजनों के माध्यम से इसी समृद्ध परंपरा को दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत किया गया।