कोटा। 41वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े के अंतर्गत समाज में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित अभियान को आज विशेष प्रेरणा मिली, जब कोटा जिला कलेक्टर श्री पियूष समारिया ने शाइन इंडिया फाउंडेशन के साथ नेत्रदान का संकल्प पत्र भरकर इस मानवीय अभियान के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।इस अवसर पर जिला कलेक्टर श्री समारिया ने कहा कि,नेत्रदान केवल एक संकल्प नहीं, बल्कि किसी व्यक्ति के जीवन में रोशनी लौटाने का महान माध्यम है।

उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक नागरिक को नेत्रदान के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए और अपने परिवार के सदस्यों को भी इसके लिए जागरूक करना चाहिए।उन्होंने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा—«“मृत्यु जीवन का अंत अवश्य है, लेकिन नेत्रदान किसी अन्य व्यक्ति के जीवन में नई रोशनी का आरंभ बन सकता है।

आइए, हम सभी इस राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े के दौरान नेत्रदान का संकल्प लें और कोटा को नेत्रदान जागरूकता के क्षेत्र में एक अग्रणी शहर बनाने का प्रयास करें।”»कॉर्निया संबंधी अंधता को दूर करने का सशक्त माध्यम है नेत्रदानशाइन इंडिया फाउंडेशन के संस्थापक एवं 16 वर्षों से नेत्रदान जागरूकता अभियान से जुड़े डॉ. कुलवंत गौड़ ने बताया कि भारत में अनेक लोग कॉर्निया संबंधी अंधता के कारण दृष्टि खो देते हैं।

ऐसे मामलों में मृत व्यक्ति द्वारा दान किए गए कॉर्निया के प्रत्यारोपण से जरूरतमंद व्यक्ति को दृष्टि प्राप्त होने की संभावना बनती है।डॉ गौड़ ने यह भी कहा कि,नेत्रदान के प्रति सबसे बड़ी आवश्यकता जागरूकता और सही जानकारी की है।

जब समाज यह समझेगा कि,मृत्यु के बाद कॉर्निया का दान किसी दूसरे व्यक्ति के अंधकारमय जीवन को रोशन कर सकता है, तब नेत्रदान एक जनआंदोलन का रूप ले सकता है।”»शाइन इंडिया फाउंडेशन द्वारा शहर में विभिन्न माध्यमों से लोगों तक नेत्रदान का संदेश पहुंचाया जाएगा।

विद्यालयों और महाविद्यालयों में जागरूकता गतिविधियां, सामाजिक संस्थाओं के साथ संवाद, युवा समूहों की भागीदारी, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा संकल्प, पोस्टर एवं सोशल मीडिया अभियान तथा आमजन के बीच नेत्रदान से जुड़े भ्रमों का निराकरण जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को प्रेरित किया जाएगा।कलेक्टर के संकल्प से जनभागीदारी को मिलेगा बलशाइन इंडिया फाउंडेशन ने कहा कि जिला कलेक्टर श्री पियूष समारिया द्वारा नेत्रदान का संकल्प लेना समाज के लिए एक प्रेरक उदाहरण है।

जब प्रशासनिक और सामाजिक नेतृत्व स्वयं आगे बढ़कर ऐसे मानवीय कार्यों से जुड़ता है, तो आमजन में विश्वास और जागरूकता दोनों बढ़ते हैं।राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े के दौरान संस्था का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को नेत्रदान के प्रति जागरूक करना, भ्रांतियों का निराकरण करना तथा कॉर्निया संबंधी अंधता से पीड़ित लोगों के जीवन में रोशनी पहुंचाने के इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाना है।