कोटा/भीलवाड़ा । साहित्यकार शिखा अग्रवाल ने अंग्रेजी साहित्य में एच. बी. पब्लिकेशन, नई दिल्ली द्वारा हाल ही में आयोजित " राष्ट्रीय सर्वश्रेष्ठ कलमकार / साहित्यकार अवॉर्ड " प्रतियोगिता में देशभर में टॉप 100 में जगह बनाई है।
इसके लिए आयोजक संस्था की ओर से ऑन लाइन प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। ऑन लाइन राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर से हजारों अंग्रेजी साहित्यकारों ने अपनी रचनाएं भेजी थी।
शिखा की अंग्रेजी पोयम को टॉप 100 में चयन किया जाना मेरे लिए गर्व की बात है।
आयोजक संस्था ने लिखा टॉप 100 साहित्यकार में जगह बनाने के लिए आपको बधाई! लेखन के क्षेत्र में आपके समर्पण, जुनून और कड़ी मेहनत की हम दिल से सराहना करते हैं। आपकी कोशिशें और क्रिएटिविटी वाकई तारीफ़ के काबिल हैं। लिखते रहिए, प्रेरित करते रहिए और साहित्यकार अवॉर्ड के एक अहम हिस्से के तौर पर अपने सफ़र में चमकते रहिए।
इससे पूर्व मई - जून 26 में " पोयट नेस्ट अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन मंच" द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय अंग्रेजी पोयम प्रतियोगिता में शिखा अग्रवाल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया था। शिखा की पोयम को 200 में से 149 अंक प्राप्त हुए थे।
परिचय श्रीमती शिखा अग्रवाल का जन्म 1 दिसंबर 1980 को पिता डॉ. प्रभात कुमार सिंघल एवं माता मंजू सिंघल के परिवार में कोटा में हुआ। पति गिरीश कुमार अग्रवाल व्यवसायी हैं।
अंग्रेजी लिटरेचर में एमए, बीएड., डिप्लोमा इन इंग्लिश पोएम की शिक्षा प्राप्त की है। स्पोकन इंग्लिश की पूर्व व्याख्याता रही, हिंदी, अंग्रेजी उर्दू भाषाओं की जानकार गद्य एवं पद्य विधाओं में कविता, बाल कविता, लेख आदि लिखती हैं।
ऑन लाइन मंचों पर अंग्रेजी कविताएं लिखती हैं। देश के विभिन्न प्रतिष्ठित समाचार पत्रों एवं राष्ट्रीय न्यूज पोर्टल्स पर कविता एवं लेख प्रकाशित होते रहते हैं।
शोध कार्य - निजी स्तर पर भीलवाड़ा जिले का इतिहास, कला और संस्कृति और वस्त्र उद्योग,.बूंदी जिले का इतिहास, कला और संस्कृति, उदयपुर में पर्यटन और संस्कृति, एवं भारत में प्राचीन काल से वर्तमान तक फैशन विषयों पर शोध कार्य किए हैं।
हिंदी और अंग्रेजी में 9 पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं एवं 2 का अंग्रेजी में अनुवाद किया है।
हिंदी में पुस्तकें - राजस्थान साहित्य अकादमी के आर्थिक सहयोग से मन दर्पण के प्रतिबिंब काव्य संग्रह, हेल्थ केयर, टेक्सटाइल सिटी भीलवाड़ा , अतुल्य अजमेर, सह लेखक , ये है हमारी रंग बिरंगी बूँदी, सह लेखक . अंग्रेजी में पुस्तकें - उदयपुर-वर्ल्ड फेमस टूरिस्ट डेस्टिनेशन, वर्ल्ड हेरिटेज ग्लोबल टू लोकल-लिस्टेड विथ यूनेस्को, संयुक्त लेखक, फैशन-एन इनस्टिक्ट, संपादित पुस्तक - शृंगार एक स्वाभाविक वृति प्रकाशित हुई हैं।
अंग्रेजी में अनुवाद - डॉ. अपर्णा पाण्डेय की पुस्तक विदेश प्रवास हिंदी सेवा संस्मरण / मेमोरीज. एवं विजय जोशी की बाल चित्र कथा कृति वॉयस ऑफ नेचर चिल्ड्रन स्टोरीज का अनुवाद किया है।
संपादन - टूडे आई पाक्षिक समाचार-पत्र कोटा की ढाई वर्ष तक उप संपादक रही एवं भारत विकास परिषद, भीलवाड़ा की मासिक दर्शिका 'मंजूलिका' की संपादक हैं।
बाल कविता संग्रह किलकारियां हाल में प्रकाशित हुई है।
देश की विभिन्न संस्थाओं द्वारा पुरस्कृत एवं सम्मानित किया गया है।
साहित्य मंडल श्रीनाथद्वारा द्वारा काव्य कुमुद, श्री भारतेंदु समिति कोटा द्वारा साहित्य श्री एवं वैश्विक समरस संस्थान साहित्य सृजन भारत गांधीनगर, गुजरात द्वारा समरस श्री साहित्य अलंकरणों से सम्मानित किया गया।
अणुव्रत समिति भीलवाड़ा द्वारा अणुव्रत काव्य धारा और लघु उद्योग भारती भीलवाड़ा द्वारा विदुषी नारी रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया।
अंतर्राष्ट्रीय काव्य मंच द्वारा अंतर्राष्ट्रीय अंग्रेजी कविता प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त करने करने पर ऑन लाइन प्रमाणपत्र से सम्मान किया गया।
काव्य मंच मेघदूत एवं अन्य ऑन लाइन मंचों द्वारा कई कविता प्रतियोगिताओं में भाग लेने पर तीन दर्जन से अधिक प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।