उदयपुर | मुस्कान क्लब यूथ रिविजिटेड का  मासिक विशेष सम्मान दिवस श्रीमती नीरू मिश्रा द्वारा ईश्वर भजन के पश्चात् सदस्यों द्वारा प्रस्तुतियां प्रारंभ की गईं। मीडिया प्रभारी प्रोफेसर विमल शर्मा ने बताया की जनवरी माह में जन्मे 27 सदस्यों का बहुमान करने के लिए आज सभागार अपनी पूरी क्षमता 225 सदस्यों से खचाखच भरा हुआ था व 40 सदस्यों में से 27 को ही चिट निकाल कर प्रस्तुति का अवसर दिया जा सका|  प्रमुख प्रस्तुतियां इस प्रकार रहीं:
श्रीमती रीता श्रीमाली—कविता, श्रीमती नलिनी बंधु—चांद आहें भरेगा, कमल सोंधी—कविता, एम. पी. माथुर—स्वरचित ग़ज़ल ('हम आंधियों में'), अशोक चौबीसा—'जिंदगी जीने', बी. एन. पाण्डेय—'मैं खुश नसीब हूं', श्रीमती कुसुम लता त्रिपाठी—'तेरे सदके बलम', के. के. त्रिपाठी—'मन रे तू', श्रीमती उषा कुम्मट, आर. सी. जोशी, वी. बी. श्रीमाली —चुटकुले,  विजय माथुर—'वफ़ा जिनसे की', श्रीमती उषा ईंटोड़िया—कविता, अशोक जोशी—'फूलों के रंग से', श्रीमती शीला चौधरी—'जाने क्यों लोग', कल्पना तिवारी—'बड़ी दूर से आए हैं', श्रीमती सुरेखा बाबेल—'अंखियों का नूर है', श्रीमती सपना वर्मा—'ऐ दिल बता', श्रीमती मंजू सनाढ्य—'सैयां दिल में आना रे', श्रीमती सुधा व्यास—'कौन आया',  दिलीप गभरानी—'मधुबन खुशबू', एस. एल. गोदलिया—'कर चले हम', राज कुमार बाफना—कविता, अजीत सिंह खींची—'मैं वहीं खड़ा', अमर माथुर—'जलते हैं जिसके', ईश्वर जैन—'अभी पहला कदम', अरुण चौबीसा—'याद में तेरी', 
प्रस्तुतियों के मध्य जिन सदस्यों का जनवरी में जन्मदिन था उनका अभिनंदन किया गया व नए सदस्यों का परिचय करवाया गया । 
सूरजमल पोरवाल द्वारा आगामी पिकनिक की विस्तृत जानकारी दी गई तथा  के. के. त्रिपाठी द्वारा जादूगर के कार्यक्रम के बारे में बताया गया। अंत में  एम. पी. माथुर द्वारा 'मधुर मुस्कान' हेतु सदस्यों द्वारा लाई गई रचनाएं प्राप्त कर, उन्हें रचना-लेखन की विधा संबंधी जानकारी दी गई। राष्ट्रगान एवं अल्पाहार के साथ कार्यक्रम समाप्त हुआ।