उदयपुर। ग्रामीण आजीविका पर केन्द्र की भाजपा सरकार द्वारा किए गए गंभीर हमले को देखते हुये अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आदेशानुसार एवं राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार उदयपुर देहात एवं उदयपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा "मनरेगा बचाओ संग्राम" जनआंदोलन के अंतर्गत आज प्रातः 11 बजे से संभागीय आयुक्त कार्यालय, उदयपुर के बाहर शांतिपूर्ण धरना दिया गया। धरना प्रदर्शन के बाद महामहिम राष्ट्रपति महोदया जी के नाम ज्ञापन भी दिया गया जिसमें मांग करी गई कि काम के अधिकार की रक्षा की जा सके और मनरेगा को उसके मूल अधिकार-आधारित स्वरूप में बहाल किया जाए।
धरना प्रदर्शन कार्यक्रम में उदयपुर देहात जिला कांग्रेस अध्यक्ष रघुवीर सिंह मीणा ने कहा कि ये लड़ाई सिर्फ सत्ता के अहंकार के खिलाफ़ नहीं है, बल्कि गरीब और मज़दूर के हक़ की रक्षा का संकल्प है। मोदी सरकार द्वारा मनरेगा को खत्म करना सिर्फ़ एक योजना को खत्म करना नहीं, बल्कि गरीब, मजदूर, किसान से उसका संवैधानिक हक़ छीनने की सुनियोजित साज़िश है। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. डॉ. मनमोहन सिंह जी और कांग्रेस संसदीय दल चेयरपर्सन श्रीमती सोनिया गांधी जी के द्वारा महात्मा गांधी जी के नाम पर शुरू की गई मनरेगा दुनिया की सबसे बड़ी रोज़गार गारंटी योजना बनी। मनरेगा ने न सिर्फ ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ सशक्त की, बल्कि करोड़ों परिवारों को रोजी-रोटी, रोज़गार, सम्मान और अधिकार दिया। लेकिन मोदी सरकार 'सुधार' के नाम पर जानबूझकर इसे खत्म कर रही है मोदी सरकार द्वारा बनाए गए नए कानून में न काम की कानूनी गारंटी है और न ही काम का संवैधानिक अधिकार है। ना तो 100 दिन रोजगार की गारंटी है और ना ही न्यूनतम मजदूरी का अधिकार है। ग्राम पंचायत को काम देने का अधिकार है भी नहीं है। केंद्र की मोदी सरकार की मर्जी तय करेगी कि किसे काम मिलेगा या किसे काम नहीं मिलेगा। नए कानून में 40% राज्य सरकार को देना होगा, यानि खर्च बचाने के लिए काम ही न मिले कुल मिलकर योजना को खत्म करने की साजिश है। कांग्रेस का कार्यकर्ता गांव, गरीब, और मज़दूर के संवैधानिक अधिकारों पर हमला किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा।
उदयपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष फतह सिंह राठौड़ ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना को कमजोर कर खत्म कर रही है। मनरेगा सिर्फ एक योजना नहीं है यह ग्रामीण भारत की रीढ़ है। मनरेगा सिर्फ योजना नहीं बल्कि करोड़ो गरीब परिवारों के सम्मान से जीने का हक है, इसे खत्म नहीं होने देंगे। यह सिर्फ रोज़गार नहीं, बल्कि करोड़ों परिवारों के सम्मान और आत्मनिर्भरता की गारंटी है। मनरेगा को कमजोर करना, पंचायतों के अधिकार छीनना और राज्यों पर वित्तीय बोझ डालना ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर सीधा हमला है, जिसका हर मोर्चे पर विरोध होगा।
कांग्रेस का कार्यकर्ता भाजपा की जनविरोधी साजिशों को बेनकाब करता रहेगा, खासकर मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना को कमजोर कर खत्म करने, योजना का बजट काटने और मजदूरी देने में देरी की उनकी घिनौनी कोशिशों को कभी कामयाब नहीं होने देंगे। ये साजिशें गांव के गरीब मजदूर की रोजी-रोटी छीनने की हैं, लेकिन हम इन्हें कभी कामयाब नहीं होने देंगे। कांग्रेस पार्टी इन साजिशों के खिलाफ हर मोर्चे पर लड़ रही है और लड़ती रहेगी। धरना प्रदर्शन कार्यक्रम का संचालन डॉ संजीव राजपुरोहित ने किया एवं धन्यवाद दिनेश दवे ने दिया।
धरना प्रदर्शन के बाद उदयपुर देहात एवं शहर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा संभागीय आयुक्त को महामहिम राष्ट्रपति महोदया जी के नाम ज्ञापन देकर मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने की मांग करी गई।
धरना प्रदर्शन में उदयपुर देहात जिला कांग्रेस अध्यक्ष रघुवीर सिंह मीणा, उदयपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष फतह सिंह राठौड़, मावली विधायक पुष्कर डांगी, पीसीसी उपाध्यक्ष सुरेश श्रीमाली, पीसीसी महासचिव लाल सिंह झाला, सरोज मीणा, पंकज शर्मा, राजस्थान इंटक अध्यक्ष जगदीश राज श्रीमाली, पूर्व विधायक प्रीति शक्तावत, पूर्व मंत्री डॉ मांगी लाल गरासिया, पूर्व उप जिला प्रमुख लक्ष्मी नारायण पंड्या, पीसीसी महासचिव सुरेश सुथार, पूर्व देहात अध्यक्ष कचरू लाल चौधरी, सुनील भजात, ब्लॉक अध्यक्ष खेमराज मीणा, चंद्र प्रकाश मेनारिया, गुलाब सिंह राव, राम सिंह चदाणा, राजेंद्र जैन, ओनार सिंह सिसोदिया, पीसीसी सदस्य राम लाल गायरी, प्रोफेसर दरियाव सिंह चुंडावत, डॉ कौशल नागदा, डॉ संजीव राजपुरोहित, दिनेश औदिच्य, नवल सिंह चुंडावत, निवर्तमान मावली प्रधान नरेंद्र कुमार जैन, झाड़ोल निवर्तमान प्रधान राधा देवी परमार, कमलेश पटेल, गजेंद्र कोठारी, कामिनी गुर्जर, महिला कांग्रेस की शांता प्रिंस , मधु सालवी, देहात महिला कांग्रेस अध्यक्ष भगवती डांगी, लक्ष्मी नारायण मेघवाल, गोपाल सरपटा, महेश त्रिपाठी, लक्ष्मी लाल सोनी, मोडी लाल प्रजापत, रूप लाल सालवी, सुब्हान अली, अब्दुल मनान कुरैशी, अब्दुल रज्जाक, लक्ष्मी लाल पुरोहित,महेंद्र डामोर, राजेश मेनारिया, गोपाल जाट, श्याम लाल मेनारिया, महिला कांग्रेस की कुंदन कुंवर, सहित कई पदाधिकारी एवम कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
Udaipur
ये लड़ाई सिर्फ सत्ता के अहंकार के खिलाफ़ नहीं है, बल्कि गरीब और मज़दूर के हक़ की रक्षा का संकल्प है - रघुवीर सिंह मीणा
मनरेगा सिर्फ योजना नहीं बल्कि करोड़ो गरीब परिवारों के सम्मान से जीने का हक है, इसे खत्म नहीं होने देंगे - फतह सिंह राठौड़
Related stories
Freedom from Addiction’ Programme Organised in Mohanpura
Sri Ganganagar: As part of the Drug-Free Sri Ganganagar Campaign, being conducted under the leadership of Dis…
Independence Day Celebrated with Fervour at Aishwarya College
Udaipur: Independence Day was celebrated at Aishwarya College with enthusiasm, patriotic spirit and great fer…
ArcelorMittal CFO Ramesh Kothari Visits Rekha Somani Foundation, Inspires Students with Global Career Opportunities
Udaipur: Students at the Rekha Somani Foundation gained valuable insights into global career opportunities an…
Makeup Skills to Get a Business Boost
Udaipur: A two-day Mega Makeup and Hair Masterclass will be organised in Udaipur on August 18 and 19 for beau…