उदयपुर | शोभागपुरा मेन रोड पर अलसुबह अपने पिता विकास डांगी के साथ आई पांच साल की गौरीशा की नज़र पेड़ पर लटके चिमगादड़ पर पड़ी तो उसने पापा को रोक कर उसे दिखाया |  सैर पर निकले प्रकृति प्रेमी प्रोफेसर विमल शर्मा ने भी रुक कर देखा की चाइनीज़ माँझे मैं वह निरीह फ़सा है|  स्थानीय निवासी विकास एवं रवि साहू ने बड़े तिपाहे व बांस की आकड़ी की मदद से उसे पेड़ से मुक्त किया | ज़मीन पर आ जाने पर डॉ विमल शर्मा ने कपडे की मदद से चिमगादढ़ को पकड़े रखा व साहू बधुओं ने उसके शरीर से मांझा हटाया| रेस्क्यू किये इस चमगादड़ को पुनः एक पेड़ पर स्वतंत्र विचरण हेतु छोड़ दिया गया |
चमगादड़ की स्थिति को देख प्रो विमल शर्मा का अनुमान है कि संभवतः यह मांझा कई दिनों से उलझा हुआ था|  यह घटना चाइनीज मांझे के खतरे की पुनः याद दिलाती है, जो न केवल गगन मैं उड़ने वाले बल्कि इंसानों के लिए भी घातक है। प्रशासन के पूर्ण प्रतिबन्ध के बावजूद चाइनीज़ माँझे का मिलना चिंता का विषय है, आमजन से भी अपील है कि पतंगबाजी मैं पारम्परिक माँझे का ही इस्तेमाल करें