उदयपुर। राजस्थान सरकार द्वारा शुरू किया गया पंच गौरव कार्यक्रम अब जन-जन तक पहुंचकर विकास की नई कहानी लिख रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में 17 दिसंबर 2024 को शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य हर जिले की विशिष्ट पहचान को निखारते हुए उसे राष्ट्रीय और वैश्विक मंच पर स्थापित करना है। राजस्थान सरकार के पंच गौरव कार्यक्रम को जन-जन तक पहुंचाने और इसे व्यवहारिक रूप से लागू करने की दिशा में उदयपुर जिले में एक अभिनव पहल करते हुए पंच गौरव कैलेण्डर तैयार किया गया है।
जिला प्रशासन के निर्देशन में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा तैयार किया गया पंच गौरव टेबल एवं वाल कैलेंडर न केवल एक सूचना दस्तावेज है, बल्कि यह पूरे वर्ष की योजनाबद्ध गतिविधियों का मार्गदर्शक बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप तैयार यह कैलेंडर जिले की विशिष्ट पहचान पंच गौरव को महीनेवार तरीके से प्रस्तुत करता है, जिससे आमजन, विद्यार्थी और प्रशासन सभी इससे जुड़ सकें।
कैलेंडरः जानकारी से क्रियान्वयन तक का सेतु
पंच गौरव कैलेंडर जनवरी से दिसंबर तक हर महीने अलग-अलग थीम के साथ पंच गौरव कार्यक्रम की अवधारणा, उपलब्धियां और गतिविधियों को दर्शाता है। साथ ही पंच गौरव से जुड़े आकर्षण छायाचित्र न केवल कैलेण्डर को सुंदर बनाते हैं, बल्कि जिले में पंच गौरव कार्यक्रम की चित्रात्मक झांकी भी प्रस्तुत कर रहे हैं। जनवरी माह में जहां पंच गौरव कार्यक्रम का परिचय और इसके उद्देश्यों को बताया गया है, वहीं फरवरी में उदयपुर जिले के पंच गौरव मार्बल-ग्रेनाइट, सीताफल, महुआ, तैराकी और फतहसागर झील व पिछोला झील की विस्तृत जानकारी दी गई है। कैलेंडर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें केवल जानकारी ही नहीं, बल्कि पूरे वर्ष की गतिविधियों का स्पष्ट रोडमैप भी दिया गया है। मार्च में पंच गौरव के अंतर्गत चल रहे विकास कार्यों और वित्तीय प्रगति को दर्शाया गया है। अप्रैल में मेले, प्रदर्शनी, मैराथन और प्रचार-प्रसार गतिविधियों का विवरण शामिल है। मई-जून में “एक जिला-एक उत्पाद” यानी मार्बल-ग्रेनाइट उद्योग और उससे जुड़ी उपलब्धियों को स्थान दिया गया है। जुलाई और अगस्त में सीताफल और महुआ के माध्यम से कृषि, वन और आजीविका के अवसरों को रेखांकित किया गया है। सितम्बर-अक्टूबर में तैराकी खेल और उभरती प्रतिभाओं पर फोकस किया गया है। नवम्बर-दिसम्बर में पर्यटन स्थलों विशेष रूप से फतहसागर झील और पिछोला झील के विकास कार्यों और आकर्षण को प्रमुखता दी गई है।
जन-जागरूकता और सहभागिता का सशक्त माध्यम
पंच गौरव कैलेण्डर में अधिकृत और उपयोगी बनाने के लिए इसमें राज्य सरकार की ओर जारी किए जाने वाले राजस्थान कैलेण्डर का कलेवर शामिल किया गया है। इसमें राजस्थान कैलेण्डर के समान ही सभी राजकीय अवकाश, ऐच्छिक अवकाश, तीज-त्यौहारों का विवरण भी शामिल है। यह कैलेंडर केवल सरकारी उपयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से लोग अपने जिले की विशेषताओं को जान रहे हैं और उससे जुड़ाव महसूस कर रहे हैं। पंच गौरव लिटरेसी क्लब, मेले, प्रदर्शनी और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भी कैलेंडर के जरिए व्यापक पहचान मिल रही है। कैलेंडर में दर्शाई गई गतिविधियों से स्पष्ट होता है कि पंच गौरव कार्यक्रम केवल एक योजना नहीं, बल्कि एक समग्र विकास अभियान है। इसमें उद्योग, कृषि, पर्यटन, वन और खेलकृसभी क्षेत्रों को संतुलित रूप से आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। कैलेंडर ने उदयपुर में योजना को कागजों से निकालकर जमीन पर उतारने का सशक्त माध्यम प्रदान किया है। यह कैलेंडर जिले की पहचान, परंपरा और विकास को एक सूत्र में पिरोते हुए “वोकल फॉर लोकल” के विजन को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।