उदयपुर। विश्व संवाद केंद्र समिति द्वारा सेक्टर-4 स्थित कार्यालय परिसर में शनिवार को 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ ध्वजारोहण के साथ हुआ।

इसके पश्चात राष्ट्रगान एवं राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन किया गया।कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चित्तोड़ प्रान्त के सह प्रान्त प्रचारक डॉ. धर्मेन्द्र सिंह थे उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत को लंबे समय तक गुलामी का इतिहास पढ़ाया गया, लेकिन आज का भारत वह भारत नहीं है।

आज भारत विश्व पटल पर प्रभावी भूमिका निभाते हुए अपना प्रतिनिधित्व कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति और परंपराएं ऐसी रही हैं कि भारत ने कभी गुलामी को स्वीकार नहीं किया, बल्कि निरंतर संघर्ष किया।

देर से ही सही, भारत ने अपने स्वाभिमान के साथ स्वयं को स्थापित किया है।उन्होंने कहा कि भारत का अस्तित्व हजारों नहीं, बल्कि लाखों वर्षों से है।

इस भूमि पर ऋषि-मुनियों ने चिंतन, शोध और ज्ञान की परंपरा को आगे बढ़ाया। आज विश्व में जिन अनेक उपलब्धियों और आविष्कारों की चर्चा होती है, उनके मूल विचार भारतीय ग्रंथों और प्राचीन ज्ञान परंपरा में कहीं न कहीं देखने को मिलते हैं।

उन्होंने भारतीय संस्कृति, ज्ञान और परंपराओं के गौरव को समझने तथा नई पीढ़ी तक पहुंचाने का आह्वान किया।अध्यक्षीय उद्बोधन में समिति के अध्यक्ष कमल प्रकाश रोहिल्ला ने विश्व संवाद केंद्र समिति की ओर से सभी उपस्थितजनों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने कहा कि राष्ट्र के प्रति समर्पण, सामाजिक जिम्मेदारी और भारतीय मूल्यों को मजबूत करना हम सभी का दायित्व है।कार्यक्रम का संचालन समिति के कोषाध्यक्ष विकास छाजेड़ ने किया।समारोह में समिति के ट्रस्टी, सदस्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि को पौधा भेंट किया गया। इसके पश्चात उपस्थित सभी अतिथियों एवं सदस्यों को पौधों का वितरण किया गया तथा पर्यावरण संरक्षण और पौधों की देखभाल का संकल्प दिलाया गया।

समारोह का समापन राष्ट्र एवं पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी के संकल्प के साथ हुआ।