उदयपुर। गोगुंदा क्षेत्र के पुनावली गांव में तीन दिन से लापता बुजुर्ग दंपती के शव उनके ही घर में संदूक के अंदर मिलने के मामले में पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस ने मामले में चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही वारदात का खुलासा किया जा सकता है।

घटना के बाद से गांव में आक्रोश और भय का माहौल है। शनिवार सुबह से ही मृतक दंपती के परिजन और ग्रामीण उदयपुर के एमबी अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठे हैं। ग्रामीण आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी लगातार परिजनों और ग्रामीणों से समझाइश का प्रयास कर रहे हैं।

डॉग स्क्वॉयड से जांच, विशेष टीम गठित

पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने बताया कि घटनास्थल की डॉग स्क्वॉयड से जांच कराई गई है। इसके अलावा घटनास्थल की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराकर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीम गठित की गई है।

एसपी ने बताया कि चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही दंपती की मौत के कारणों और वारदात से जुड़ी परिस्थितियों के संबंध में स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

तीन दिन से लापता थे बुजुर्ग दंपती

सायरा थाना क्षेत्र के पुनावली गांव निवासी लहरी लाल पालीवाल (65) और उनकी पत्नी राधा देवी (62) पिछले तीन दिनों से लापता थे। शुक्रवार को दोनों के शव उनके घर में रखे एक संदूक से बरामद हुए। शव पॉलिथीन में बंधे हुए मिले, जिसके बाद गांव में सनसनी फैल गई।

बताया गया कि लहरी लाल दूध बेचने का काम करते थे। बुधवार सुबह जब वह दूध देने नहीं पहुंचे तो एक पड़ोसी उनके घर पहुंचा। घर का दरवाजा खुला था, लेकिन दंपती वहां नहीं मिले। पड़ोसी ने राजकोट में नौकरी कर रहे उनके बेटे मनोहर को इसकी जानकारी दी।

इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने आसपास के क्षेत्रों तथा रिश्तेदारों के यहां तलाश की। दंपती का पता नहीं चलने पर सायरा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। मृतक के बेटे के अनुसार, मंगलवार रात उसकी मां से फोन पर बातचीत हुई थी। इसके अगले दिन दोनों के लापता होने की जानकारी सामने आई।

गुरुवार को ग्रामीणों ने पुलिस थाने पहुंचकर दंपती को जल्द तलाशने की मांग की थी। इसके अगले ही दिन शुक्रवार को उनके घर के संदूक से दोनों के शव बरामद होने के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया।

शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे, ग्रामीण गिरफ्तारी पर अड़े

शव मिलने के बाद आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने पोस्टमार्टम के लिए शव ले जाने का विरोध किया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाया।

पुलिस की ओर से शीघ्र कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा दिए जाने के बाद शवों को उदयपुर एमबी अस्पताल की मोर्चरी में लाया गया। हालांकि शनिवार सुबह से ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन मोर्चरी के बाहर जमा हैं और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।

पिछले साल की डकैती का भी नहीं हुआ खुलासा

ग्रामीणों ने गांव में पूर्व में हुई एक डकैती की वारदात का अब तक खुलासा नहीं होने पर भी नाराजगी जताई है। उप सरपंच योगेश पालीवाल के अनुसार, पिछले वर्ष 4 जुलाई की रात गांव के मांगीलाल पुरोहित के घर में हथियारबंद बदमाशों ने परिवार को बंधक बनाकर नकदी और आभूषण लूट लिए थे।

ग्रामीणों का दावा है कि उस वारदात का अभी तक खुलासा नहीं हुआ है। ऐसे में बुजुर्ग दंपती की हत्या की घटना से ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर चिंता और आक्रोश बढ़ गया है। ग्रामीणों ने पुलिस से वर्तमान मामले में आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के साथ-साथ पुरानी डकैती की वारदात का भी खुलासा करने की मांग की है।

फिलहाल पुलिस चार संदिग्धों से पूछताछ कर रही है और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य तकनीकी एवं जांच संबंधी तथ्यों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।