उदयपुर, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, डबोक में श्रीमती सरला सिंघवी चेरिटेबल सोसायटी के सहयोग से नवीनीकृत आरओ प्लांट का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया।

सोसायटी ने न केवल लंबे समय से बंद पड़े आरओ प्लांट का नवीनीकरण करवाया, बल्कि आगामी तीन वर्षों तक इसकी निःशुल्क सर्विस की जिम्मेदारी भी ली है।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विद्यालय के पूर्व छात्र एवं भामाशाह डॉ. श्याम एस. सिंघवी रहे।

विशिष्ट अतिथि भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष (नगर उदयपुर) रविन्द्र श्रीमाली, भाजपा आपदा राहत विभाग राजस्थान प्रदेश संयोजक एवं राजस्थान गौरव डॉ. जिनेन्द्र शास्त्री, संयम सिंघवी, अरविंद झगड़ावत, वीरेंद्र बोल्या, इकबाल खान एवं अनिल शर्मा उपस्थित रहे।श्रीमती सरला सिंघवी चेरिटेबल सोसायटी द्वारा समाजसेवा के क्षेत्र में तीन प्रमुख प्रकल्प संचालित किए जा रहे हैंकृरक्तदान एवं ब्लड बैंक, शिक्षा में सहयोग तथा राजकीय विद्यालयों में आरओ प्लांट की स्थापना।

इसी सेवा श्रृंखला के तहत डबोक विद्यालय के बंद पड़े आरओ प्लांट का नवीनीकरण कर उसे पुनः विद्यार्थियों के उपयोग के लिए शुरू किया गया है।मुख्य अतिथि डॉ. श्याम एस. सिंघवी ने विद्यार्थियों के साथ अपने विद्यालय जीवन के अनुभव साझा किए और उन्हें नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉन एफ. कैनेडी के ‘थिंक टुगेदर’ विचार का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को मिलकर सोचने और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।डॉ. जिनेन्द्र शास्त्री ने विद्यार्थियों में स्वाभिमान एवं अपनी संस्कृति के प्रति गौरव की भावना विकसित करने पर जोर दिया।

उन्होंने ‘हेलो’ के स्थान पर ‘जय मेवाड़’ जैसे स्थानीय संबोधन को अपनाने का सुझाव दिया।रविन्द्र श्रीमाली ने सिंघवी परिवार की सेवा भावना की सराहना करते हुए रामचरितमानस की चैपाइयों के माध्यम से विद्यार्थियों को जीवन-मूल्यों और संस्कारों का महत्व बताया।

संयम सिंघवी ने सोसायटी द्वारा संचालित विभिन्न सेवा प्रकल्पों की जानकारी दी।कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था प्रधान सोनल हेड़ा ने की।

उन्होंने भामाशाह डॉ. श्याम एस. सिंघवी का आभार व्यक्त किया तथा विद्यालय के विकास में निरंतर सहयोग के लिए अरविंद झगड़ावत को भी धन्यवाद दिया। कार्यक्रम का संचालन व्याख्याता कुणाल डिडवानिया ने किया।समापन अवसर पर आरओ प्लांट स्थल पर शिलापट्ट का अनावरण किया गया।

नवीनीकृत आरओ प्लांट के शुरू होने से विद्यालय के विद्यार्थियों को स्वच्छ एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा तथा तीन वर्षों तक निःशुल्क सर्विस की व्यवस्था से इसका सुचारु संचालन सुनिश्चित रहेगा।