उदयपुर । पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीवों के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्रीन पीपल समिति की बैठक शुक्रवार को अरण्य कुटीर में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता समिति अध्यक्ष राहुल भटनागर ने की, जबकि नीदरलैंड से आए पर्यावरण शोधकर्ता पीटर मुख्य अतिथि रहे।

 

मुख्य अतिथि पीटर ने बताया कि  मेवाड़ अंचल समृद्ध जैव विविधता का प्रतीक है।  वे इन दिनों उदयपुर और आसपास की पहाड़ियों तथा उनके पारिस्थितिक महत्व पर शोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस शोध को सफल बनाने के लिए उन्हें समिति सदस्यों के सहयोग की आवश्यकता है।

 

*जयपुर बर्ड फेस्टिवल 31 जनवरी से :*

 

बैठक में 1 से 7 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले वन्य जीव सप्ताह की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। उपाध्यक्ष एवं जयपुर चैप्टर प्रभारी, रिटायर्ड आईएएस विक्रम सिंह ने जानकारी दी कि इस वर्ष का जयपुर बर्ड फेस्टिवल 31 जनवरी से 1 फरवरी तक आयोजित होगा। उन्होंने बताया कि इस बार विद्यार्थियों की गतिविधियों में और अधिक विविधता लाने का विशेष प्रयास किया जाएगा, ताकि युवा पीढ़ी में पक्षी संरक्षण के प्रति गहरी रुचि पैदा हो।

 

*पैडल-टू-जंगल अभियान*

 

अध्यक्ष राहुल भटनागर ने समिति के बहुचर्चित कार्यक्रम पैडल-टू-जंगल की रूपरेखा साझा की। उन्होंने कहा कि इस अनोखे आयोजन के माध्यम से लोग साइकिलिंग के जरिए जंगलों की हरियाली और वन्यजीवों के करीब पहुंचेंगे। उन्होंने सदस्यों से इस पहल को सफल बनाने के लिए सक्रिय सहयोग का आह्वान किया।

 

*शोध और जागरूकता के नए आयाम*

 

बैठक में डॉ. ललित जोशी ने लंपी रोग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं, जबकि समिति के एस एन दवे ने संस्था के लिए विभिन्न फंडिंग एजेंसियों से संपर्क साधने की प्रक्रिया पर प्रकाश डाला।

 

इस अवसर पर पक्षी विशेषज्ञ विनय दवे, प्रताप सिंह चुंडावत सहित समिति के कई सदस्य उपस्थित रहे। बैठक में आगामी आयोजनों को लेकर उत्साह और वन्यजीव संरक्षण के प्रति मजबूत संकल्प स्पष्ट रूप से नजर आया।